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वर्ष 2019 का आखिरी सूर्य ग्रहण आज, सुबह 8 बजे से शुरू, रहेें सावधान !

-वर्ष का तीसरा और अन्तिम सूर्य ग्रहण
-वैज्ञानिकों ने इस सूर्य ग्रहण को ‘रिंग ऑफ फायर’ का नाम दिया है
-सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 36 मिनट तक होगी

नई दिल्ली। वर्ष 2019 का अन्तिम सूर्य ग्रहण आज सुबह 8 बजे से होगा शुरू होगा। इस वर्ष 2019 में इसके पूर्व दो सूर्य ग्रहण हो चुके है। इस तरह से इस बार तीन सूर्य ग्रहण लगे। आज यानि गुरुवार को लगने वाला तीसरा सूर्य ग्रहण कई मामलों में महत्वूपर्ण है। इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण एक आग की अंगूठी की तरह नजर आने वाला है। वैज्ञानिक इसे ‘रिंग ऑफ फायर’ का नाम दे रहे हैं।
2019 के अन्तिम व तीसरे सूर्य ग्रहण को वैज्ञानिकों ने वलयाकार ग्रहण बताया है। वलयाकार ग्रहण में सूर्य पर पूरी तरह से ग्रहण नहीं लगता है। इस ग्रहण में सिर्फ सूरज का मध्य भाग ही छाया के क्षेत्र में आता है जबकि सूर्य के बाहर का क्षेत्र प्रकाशित रहता है। इसीलिए वैज्ञानिक इसे ‘रिंग ऑफ फायर’ का नाम भी दे रहे हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 का अंतिम सूर्य ग्रहण भारत, सऊदी अरब, कतर, इंडोनेशिया, श्रीलंका, सुमात्रा, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और गुआम में नजर आएगा। इसके अलावा एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के अन्य हिस्सों में ये आंशिक ग्रहण की तरह दिखेगा। जहां तक भारतीय समयानुसार भारत में सूर्य ग्रहण के समय की बात की जाए तो आंशिक सूर्यग्रहण सुबह आठ बजे आरंभ होगा जबकि वलयाकार सूर्यग्रहण की अवस्था सुबह 9.06 बजे शुरू होगी। सूर्य ग्रहण की वलयाकार अवस्था दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी जबकि ग्रहण की आंशिक अवस्था दोपहर एक बजकर 36 मिनट पर समाप्त होगी। इसकी अवधि कुल 5 घंटे 36 मिनट तक होगी। जबकि ग्रहण का सूतक काल 25 दिसंबर रात 8 बजकर 17 मिनट से शुरू हो चुका है। सूतक लगने के बाद किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। सामान्य शब्दों में इसे एक ऐसा समय कहा जा सकता है, जिसमें शुभ कार्य करने वर्जित होते है। धार्मिक नियमों के अनुसार ग्रहण के 12 घंटे से पूर्व ही सूतक समय आरम्भ हो जाता है। यह ग्रहण समाप्ति के मोक्ष काल के बाद स्नान धर्म स्थलों को फिर से पवित्र करने की क्रिया के बाद ही समाप्त होता है। सूर्य ग्रहण के 12 घंटे से पूर्व ही सूतक लगने के कारण मंदिरों के पट भी बंद कर दिए जाते है। ऐसे में पूजा, उपासना या देव दर्शन नहीं किए जाते हैं। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान सावधान रहना होता है। गर्भवती महिलाओं को कहा जाता है कि वे ग्रहण के दौरान घर में ही रहें।
जहां तक सूर्य ग्रहण के समय सावधानी रखने की बात है तो वैज्ञानिक मानते हैं कि सूर्य ग्रहण के समय सूर्य से कुछ हानिकारक किरणें निकलती हैं इसलिए लोगों को इस दौरान कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से नहीं देखना चाहिए। वैज्ञानिक भी इसे विकिरण से बचाने वाले सनग्लासेस पहनकर देखने की राय देते हैं। हालांकि कई वेबसाइटों पर आप इस सूर्यग्रहण को अपने स्मार्टगैजेट पर भी देख सकेंगे।

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