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वाराणसी: बिद्युत कर्मचारियों ने किया कार्य का बहिष्कार, कार्यालयों में पूरी तरह सन्नाटा

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-निजी करण के विरोध में कर्मचारियों ने अख्तियार किया बागी रूख
-पाचंवे दिन भी रहा कार्यबहिष्कार

वाराणसी। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आवाहन पर विगत 19 मार्च से चल रहा विरोध प्रदर्शन आज पांचवे दिन भी जारी रहा। आज वाराणसी के सभी बिजली कार्यालयों मंे कोई भी काम नहीं हुआ। कर्मचारियों ने आज पूरी तरह से अपने कार्यो का बहिष्कार किया। कई बिजली के कार्यालय तो आज खुले ही नहीं। जिससे वित्तीय वर्ष के अन्तिम दिनों में जहां कर्मचारियों के बगावती रूख से विद्युत विभाग के साथ सरकार भी सकते में हैं वहीं उपभोेक्ता समय पर अपने बिल जमा न होने के कारण परेशान है। 

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प्राप्त जानकारी के अनुसार आज संघर्ष समिति के केन्द्रीय पदाधिकारियांे को अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन  वार्ता हेतु आमंत्रित किया गया, जिसमे संघर्ष समिति ने प्रबन्धन को प्रस्ताव दिया कि आगरा फ्रेंचाईजी के 8 वर्ष के परफार्मेंस पर निष्पक्ष समिति बनाकर चर्चा की जाये और इस दौरान पांच शहरो एवं सात जनपदों के निजीकरण की प्रक्र्रिया रदद् की जाये लेकिन प्रबन्धन द्वारा वार्ता में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, जिससे संघर्ष समिति ने अपने संघर्ष को पूवर्वत जारी रखने का एलान किया। प्रमुख सचिव(ऊर्जा) एवं अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लखनऊ द्वारा आज 23 मार्च, 2018 के विडियो कांफ्रेसिंग का संघर्ष समिति के द्वारा पूरे प्रदेश में बहिष्कार किये जाने के फलस्वरूप पावर कारपोरेशन के प्रबन्धन द्वारा आनन-फानन में विडियो कांफ्रेसिंग को स्थगित कर दिया गया।
वाराणसी शहर के अभियन्ता एवं कर्मचारी में इतना जबरदस्त आक्रोश था कि आज प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर 10 बजे से ही पूरी दमखम से आज बहिष्कार करना प्रारम्भ कर दिया, जिसके चलते पूरे शहर के वितरण खण्डो/मण्डल कार्यालयो / मुख्य अभियन्ता कार्यालयो एवं प्रबन्ध निदेशक कार्यालयो में काम-काज पूरी तरह प्रभावित हुआ। आज कोई भी राजस्व काउन्टर नहीं खुले, आफिसो में पूरा सियापा छाया रहा। प्रबन्ध निदेशक कार्यालय के समक्ष हुए विरोध सभा में नेताओ ने मा0 मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ से मांग किया कि तत्काल हस्ताक्षेप कर निजीकरण की हो रही कार्यवाही को वापस किया जाये।
विरोध सभा में वक्त्ताओ ने जनता को इस ध्यानाकर्षण आंदोलन से हुई असुविधा/तकलीफ के लिए खेद प्रकट किया तथा उन्हे आश्वस्त किया कि यह लड़ाई केवल अधिकारियो व कर्मचारियो के लिए नहीं लड़ी जा रही है बल्कि आम जनता किसानो/मजदूरो को सस्ती एवं अच्छी बिजली बराबर मिल सके क्योंकि निजीकरण का एक मात्र उद्देश्य आम के जनता के पैसे का दुरप्रयोग कर निजी घरानो को लाभ पहुचाना है।

बैठक की अध्यक्षता इं0 प्रद्युम्न त्रिपाठी, तथा संचालन चंद्रेश्वर सिंह ने किया। बैठक में सर्वश्री आर0के0 वाही(संयोजक), ई0 अजय कुमार श्रीवास्तव, ए0आर0 वर्मा, चन्द्रजीत कुमार, आशीष अस्थाना, आर0डी0 सिंह, बी0डी0 सिंह, वी0पी0 ंिसंह, राम कुमार, डी0के0डी0 द्विवेदी, केदार तिवारी, षिवाजी सिंह, नीरज पाण्डेय, मनीश श्रीवास्तव, जीउत लाल, ए0के श्रीवास्तव, सुनील कुमार यादव, जगदीष पटेल, रत्नेश सेठ, निर्भय कुमार सिंह, आर0बी0 सिंह, आर0के0 यादव, दीपक सिंह, अरूण कुमार यादव, मनोज गुप्ता, तपन हलदर, आर0 बी0 मिश्रा, अंकुर पाण्डेय, अजय कुमार, ए0पी0 श्रीवास्तव, संजय तिवारी, सर्वेश शुक्ला, ए0के0 सिंह, ओम प्रकाश भारद्वाज, ए0के0 उपाध्याय, नीरज बिंद, मदन श्रीवास्तव, ओमप्रकाष संतोष कुमार, राजेन्द्र सिंह, अमितानन्द, विकाश कुमार आदि अधिकारियों/कर्मचारियों ने संबोधित किया।

 

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