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शिक्षकों को पेंशन दों अन्यथा शिक्षक विधायकों का भी पेंशन बन्द करें सरकार : रमेश सिंह

विजय श्रीवास्तव
-कार्यरत शिक्षक को ही इस बार एमएलसी चुनाव में जिताएं
-वर्तमान में आठों पद पर रिटायर्ड शिक्षक ही है कार्यरत
-जिससे शिक्षकों के दर्द को नहीं समझ पातें है एमएलसी

वाराणसी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश सिंह ने कहा कि सरकार या तो शिक्षकों को पेंशन चालू करें अन्यथा शिक्षक विधायकों का भी पेंशन बन्द किया जाए। एक ओर तो शिक्षकों का सरकार ने 2005 से पेंशन बन्द कर दिया वहीं आज जो शिक्षक विधायक हैं, एक ओर तो शिक्षक का पेंशन भी ले रहे हैं वहीं दूसरी ओर शिक्षक विधायकी का भी पेंशन जीवन भर पाते हैं। सरकार की यह दोहरी राजनीति अब नहीं चलेगी।


शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी खण्ड के प्रत्याशी रमेश सिंह ने 24timestoday से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि यह किसी भी तरह से जायज नहीं है। वे इसके लिए जरूरत पड़ी तो आरपार की लड़ाई भी लड़ेंगे। आज अधिकतर रिटायर्ड शिक्षकों के सदस्य होने के चलते शिक्षकों के दर्द को शिक्षक विधायक सहीं ढंग से नहीं समझ रहे हैं जिससे आज शिक्षक विभिन्न समस्यों से जूझ रहा हैं। आज जरूरत है कि कार्यरत शिक्षक ही शिक्षक निर्वाचन के चुनाव में उतरें जिससे शिक्षकों का उनका हक मिल सके। आज तीन-तीन संगठनों के अध्यक्ष की जहां तक बात की जाए तो वे सभी रिटायर्ड हैं। उसके साथ ही आश्चर्य की बात तो यह है कि एक संगठन के अध्यक्ष तो कभी शिक्षक ही नहीें रहें। आज वर्तमान की बात की जाए तो आज सभी विधान परिषद के 8 सीटों पर एक भी वर्तमान में शिक्षक नहीं हैं, सभी रिटायर्ड शिक्षक हैं। जो कि कहीं से भी न्यायोचित्त नहीं है।


श्री सिंह ने प्रदेश के समस्त प्रधानाचार्योंं, शिक्षकों, शिक्षाधिकारियों व कर्मचारियों को ईंद की दिली मुबारकवाद देते हुए कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के चलते अब एमएलसी के संभवतः अक्टूबर में चुनाव के आसार लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि आज शिक्षक संघ के पास रजिस्टर्ड बाईलाज तक नहीं है। आश्चर्य की बात है कि एक दर्जन संगठन आज एक ही रजिस्ट्रेशन नम्बर पर कार्य कर रहे हैं। आज संगठनों की आपसी खीचातानी के चलते आज शिक्षक पिस रहा है। चुनाव के समय ही उनसे वादें किए जाते हैं और चुनाव जितने के बाद उन्हें उनके बदहाली पर छोड दिया जाता है। इसका सबसे बडा कारण अभी तक यही रहा है कि 8-10 वर्ष के रिटायर्ड लोंगोे के चुनाव जीतने से वे वर्तमान के शिक्षकों के दर्द को समझ नहीं पाते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने शिक्षकों व स्नातकों से कहा कि इस बार ऐसे लोंगो को ही शिक्षक विधायक बनाए जो वर्तमान में शिक्षक हो।

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