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शिवभक्त व गृहस्थजन द्वारा आज मनायी जायेगी जन्माष्टमी

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पं.वाचस्पति पाण्डेय ‘टुनटुन महाराज‘
-इस बार तीन दिन मनायी जायेंगी जन्माष्टमी
-आज के साथ 15 व 16 अगस्त को मनायी जायेगी जन्माष्टमी
– मथुरा वृंदावन नन्द गोकुल में कल 15 अगस्त वहीं रोहिणी वैष्णव जन 16 को यह महोत्सव जन्माष्टमी
वाराणसी । इस बार अष्टमी तिथि व् रोहिणी  नक्षत्र एक साथ न मिलने के कारण इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी तीन दिन मनायी जायेगी। यह एक प्रकार का शुभ लक्षण है। शिव भक्त एवं गृहस्थजन लोग आज यानि जहां 14 अगस्त को जन्माष्टमी मनाएंगे, वही रोहिणी नक्षत्र का मान मानने वाले 15 अगस्त को व्रत आदि रखकर जन्माष्टमी मनायेंगे जबकि इसके साथ वैष्णव सम्प्रदाय के लोग इस बार 16 अगस्त को जन्माष्टमी मनाएंगे।
काशी के सनातन धर्म प्रचारक ज्योतिषचार्य पं.वाचस्पति पाण्डेय ‘टुनटुन महाराज‘ ने बताया कि सनातन धर्म के अनुसार भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को द्वापर युग में  हुआ था। उनको सोलह कलावतारी भी कहा जाता है, उस दिन जन्म के  समय रोहिणी नक्षत्र था। बहुत दिनों बाद ही ऐसा संयोग बन रहा है कि रोहिणी नक्षत्र व् अष्टमी तिथि का मेल एक साथ नही मिलने से जन्मोत्सव का कार्य त्रिदिवसीय रहेगा। एक प्रकार से यह शुभ भी माना जाएगा।
पं.वाचस्पति पाण्डेय ‘टुनटुन महाराज‘ ने बताया कि इस बार आज अर्थात 14 अगस्त को अष्टमी शाम 5.40 पर लग रही है जो की 15 अगस्त को दिन में 3.26 तक ही है। वही मथुरा वृंदावन नन्द गोकुल व् बरसाना वालो की जन्माष्टमी 15 अगस्त को मनाई जाएगी तथा उदिव्यापनी रोहिणी वैष्णव जन 16 को यह महोत्सव मनाएंगे।
कैसे करें पूजन आइये जानें विधि-
पं.वाचस्पति पाण्डेय ने बताया कि इस पूजन में व्रत करने वालो फलाहार या निराहार जिसकी जैसी शक्ति हो वो वैसा उपवास कर किसी योग्य ब्राम्हण को बुलाकर  सम्पूर्ण परिवार व् नगर के कल्याण,सम्पूर्ण पापो के नाश,तथा मनोकामना सिद्धि हेतु संकल्प करें, फिर भगवान के जन्म के समय सभी लाइट बत्ती को बुझाकर प्रभु का जन्म कराए। जन्म के बाद घी का दीपक जलाकर साथ में षोडशो उपचार द्वारा पूजन करे । धनिया की पंजीरी विशेष रूप में रख कर भोग लगाएं तथा कीर्तन भजन करे ,फिर भाव से प्रसाद वितरण करना चाहिए।

6 tuntun maharaj(1)

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