समय पर आयकर रिर्टन दाखिल न करने पर अब जुर्माना की राशि में इजाफा

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– यह नियम 1 अप्रैल 2018 से लागू होंगे
-रिर्टन दाखिल सीमा खत्म होने के 31 दिन के अन्दर 5000 रूपये जुर्माना
-31 दिन बाद दाखिल करने के बाद 10000 रूपये की जुर्माना राशि
नई दिल्ली। अब अगर आपने समय पर आयकर रिर्टन दाखिल नहीं किया है तो अब आपके जेब पर ज्यादा चोट पड़ेगी। अगले साल से रिटर्न समय पर न भरने वालों को 10,000 तक रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। आयकर कानून में नई धारा (23 एफ) के तहत, रिटर्न भरने की डेडलाइन निकलने के बाद के 31 दिन में रिटर्न भरने पर 5000 रुपये का जुर्माना देना होगा, जबकि इसके बाद 10,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। यह नियम 1 अप्रैल 2018 से लागू होंगे और 2018-19 के एसेसमेंट इयर में प्रभावी होंगे।
गौरतलब है कि अधिकतर लोग अपना आईटी रिर्टन को अन्तिम में भरते थे या दो तीन साल में एक बार ही सीए से मिलजुल कर भर देते थे। अब ऐसे लोंगो की जेब पर भारी मार पड़ने वाली है। वेैसे सरकार ने इसके लिए एक वर्ष का समय दिया है। इस योजना को 1 अप्रेैल 2018 से लागू किया है। जिसके तहत आयकर रिर्टन की तारिख खत्म होने के 31 दिन के अन्दर भरने पर जहां 5000 रूपये वहीं उसके बाद 10,000 रूपये की भारी भरकम जुर्माना का एलान किया है। वित्तमंत्री अरुण जेटली के कुछ ऐसे प्रावधान किए से कई लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं.।
इसके साथ ही अगर आप 50,000 रुपये से अधिक का किराया देते हैं, तो 5 प्रतिशत का टीडीएस देना होगा। इस तरह के भुगतान आम लोगों को करने होंगे, इसलिए उन्हें टैन नंबर लेने की जरूरत नहीं होगी और उन्हें यह टीडीएस पूरे साल के किराए पर एक बार काटना होगा। इसके अलावा इस बजट में यह भी तय किया गया है कोई भी व्यक्ति एक दिन में तीन लाख रुपये ज्यादा का कैश ट्रांजैक्शन नहीं कर सकेगा। इस तरह वाहन, मकान, गहने और दूसरी कीमती चीजों के खरीदते समय आपको ऑनलाइन पेमेंट या चेक से भुगतान करना होगा, जो कि आयकर विभाग की नजर में रहेगा और ऐसे में टैक्स चोरी की गुंजाइश सीमित हो जाती है। वहीं आयकर कानून में जोड़ी जा रही इस नई धारा (271 डीए) के तरत नियम तोड़ने वाले को बतौर जुर्माना उतने पैसे चुकाने होंगे, जो उन्होंने कैश पेमेंट की तय सीमा से ज्यादा भुगतान किए हैं।
वहीं आम बजट के नए प्रावधानों के हिसाब से नकद में कारोबार करने वाले कारोबारियों को मिलने वाली आयकर छूट भी कम हो जाएंगी. अगर कोई कारोबारी जमीन या वित्तीय उपकरण (कैपिटल एक्सपेंडीचर) आदि खरीदने के लिए एक दिन में 10,000 रुपये से ज्यादा का कैश पेमेंट करता है तो उसे निर्धारित आयकर छूट नहीं मिलेगी, जो अवमूल्यन के नियमों के तहत मिलती है। इस तरह 20,000 रुपये से ज्यादा के कैश पेमेंट करने पर भी टैक्स छूट नहीं मिलेगी।

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