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सरकार का निजीकरण एकतरफा तानाशाही निर्णय, बर्दास्त नही करेंगे बिजलीकर्मी

विजय श्रीवास्तव
-आगरा में निजीकरण का प्रयोग रहा पूरी तरह फेल
-सी0ए0जी0 ने कहा 600करोड़ का हुआ हानि अबतक

वाराणसी। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रबन्ध निदेशक कार्यालय भिखारीपुर पर निजीकरण के खिलाफ आज दसवें दिन भी वाराणसी के समस्त बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं ने प्रबन्ध निदेशक कार्यालय भिखारीपुर पर किया जोरदार विरोध प्रदर्शन किया ।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पूर्वांचल के समस्त 21 जनपदों की बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण के फैसले पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश व देश में निजीकरण के प्रयोग विफल साबित हुए है और इससे सार्वजनिक सम्पदा की बड़े पैमाने पर लूट सामने आयी है। आगरा की वितरण व्यवस्था टोरेंट पावर को देने के प्रयोग में खुद सीएजी ने स्वीकार किया कि इससे उ0 प्र0 पावर कारपोरेशन को लगभग 600 करोड़ रूपए की हानि हुई है।

बिजली के निजीकरण के प्रयोग के कारण किसानों, मध्यवर्गीय परिवारों और व्यापारियों को बेहद मंहगी दर पर बिजली खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा। प्रदेश सरकार द्वारा लिए इस फैसले में जनहित नहीं कारपोरेट हित है। सरकार के इस फैसले से वितरण निगम का बना बनाया अरबों खरबों रुपए का ढांचा निजी पूंजी धरानों को मिल जायेगा और वह इससे अकूत मुनाफा कमायेगें जिससे पहले से ही घाटे में चल रहे उ0 प्र0 पावर कारपोरेशन को और भी घाटा सहना पड़ेगा। निजीकरण का मुख्य ध्येय लाभ कमाना ही होता है एवं उनके द्वारा मात्र आम उपभोक्ताओं का शोषण ही होता है द्य ’प्रबंधन द्वारा निजीकरण का एक तरफा निर्णय तानाशाही रवैया दर्शाता है, क्यूंकि सरकार ने बिना बिक्री दर तय किए अरबों की संपत्ति निजी हाथो में धरोहर रखने का निर्णय लिया है जबकि जनता के बीच सरकार को श्वेत पत्र जारी कर निर्णय लेना चाहिए था।
सभा को सर्वश्री ई0 चंद्रेशखर चैरसिया, ई0 सुनील कुमार,आर0के0 वाही, मायाशंकर तिवारी, ए0के0 श्रीवास्तव,ई0 संजय भारती, गुलाब प्रजापति,राजेन्द्र सिंह,ई0 जगदीश पटेल , अंकुर पाण्डेय,सोहनलाल,जिउतलाल, रमन श्रीवास्तव,वीरेंद्र सिंह, रमाशंकर पाल,आदि पदाधिकारियो ने संबोधित किया।

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