सरकार ने जीएसटी टैक्स स्लैब में की कटौती, आम आदमी को महंगाई से मिलेगी अब कुछ राहत

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-आयुर्वेदिक, होमोपैथिक दवाओं पर जीएसटी अब 5 प्रतिशत
-कम्पोजिट स्कीम की लिमिट 75 लाख रूपये से बढाकर 1 करोड रूपये
– रिर्टन फाइलिंग अब कारोबारियों और ट्रेडर्स को तीन महिने में करने होंगे
-2 लाख रुपये तक की ज्वैलरी की खरीदारी पर पैन देना जरूरी नहीं
नई दिल्ली। विपक्ष के लगातार हमले व व्यापारियों के विगुल फूकने को लेकर बैकफुट पर आयी सरकार ने आखिर आम जनता को कई चीजों पर टैक्स स्लैब में कटौती करने का फैसला लिया है। शुक्रवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली की अगुवाई वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में छोटे कारोबारियों को बडी राहत दी गयी है। काउंसिल ने कम्पोजिट स्कीम की लिमिट 75 लाख रूपये से बढाकर 1 करोड रूपये कर दिया है। इसी तरह से रिर्टन फाइलिंग में भी कारोबारियों और ट्रेडर्स को तीन महिने की छूट दे दी गयी है। जबकि पहले उन्हें हर महिने रिर्टन फाइल करना पडता था। जीएसटी काउंसिल ने अपनी 22वीं बैठक में छोटे कारोबारियों और निर्यातकों को राहत दे कर सरकार व आम जनता को भी राहत देने का काम किया है। इससे टैक्स स्लैब में कटौती से चीजें सस्ती होंगी और आम आदमी को महंगाई से राहत मिलेगी।
इस दौरान काउंसिल की बैठक में अरूण जेटली ने कहा कि ज्वैलरी कारोबार को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के दायरे से बाहर कर दिया गया है। जीएसटी में बदलाव के बाद अब 2 लाख रुपये तक की ज्वैलरी की खरीदारी पर पैन देना जरूरी नहीं होगा। पहले 50 हजार रुपये से ज्यादा की खरीदारी पर च्।छ देना अनिवार्य था। उन्होंने कहा कि अब हर 3 महीने में रिटर्न फाइल करने की व्यवस्था पर सहमति बन गई है। 1.5 करोड़ रुपये टर्नओवर पर हर 3 महीने में रिटर्न भरनी होगी। कंपोजिशन स्कीम की सीमा 75 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है। जेटली ने कहा कि एक करोड़ से ज्यादा टर्नओवर और एसी चार्ज वाले रेस्टोरेंट जो 18 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आते हैं। वित्तमंत्री ने कहा कि रेस्त्रां के टैक्स सिस्टम में बदलाव किया गया है। प्लेन चपाती पर जीएसटी 12 से 5 प्रतिशत कर दी गई है। आईसीडीएस किड्स फूड पैकेट पर जीएसटी 18 से 5 प्रतिशत की गई है। अब मालिकों को 5 प्रतिशत टैक्स देना होगा। उन्होंने कहा कि निर्यातकों को 10 अक्टूबर से टैक्स रिफंड किया जाएगा। वित्तमंत्री ने कहा कि निर्यात पर 0.1 प्रतिशत का जीएसटी लागू है। सबसे बड़ी राहत ये है कि अब एक ही फॉर्म से जीएसटी फाइल की जा सकेगी. साथ ही रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को मार्च 2018 तक स्थगित कर दिया गया है।
आइए जानते है कि जीएसटी काउंसिल में किन चीजों पर कम किया गया टैक्स स्लैब:-
12 से 5 प्रतिशत की गई वस्तुओं की सूची-
– आयुर्वेदिक
– यूनानी
– होमियोपैथी दवाइयां
– पेपर वेस्ट या स्क्रैप
– रियल जरी
— नमकीन
18 से 5 प्रतिशत की गई वस्तुओं की सूची
– गरीबों के निर्मित भोजन
– प्लास्टिक वेस्ट
– रबर वेस्ट, पेरिंग
– कांच के स्क्रैप
– लकड़ी का कोयला
18 प्रतिशत से 12 प्रतिशत की गई वस्तुओं की सूची
– कपड़ा
– नाइलोन
– पॉलिस्टर
– रेयॉन
– सिलाई के मानव निर्मित धागे
– स्टैपल फाइबर
28 से 5 प्रतिशत की गई वस्तुओं की सूची
– ई-वेस्ट
28 से 18 प्रतिशत की गई वस्तुओं की सूची
– वॉटर पंप
– डीजल इंजन के पॉर्ट्स
– बेयरिंग
– स्टेशनरी के सामान
– ग्रेनाइट और मार्बल को छोड़कर फर्श में इस्तेमाल होने वाले पत्थर
– पोस्टर कलर
– बच्चों के मनोरंजक के सामान

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