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सामाज के विकास के लिये कायस्थों की राजनैतिक भागीदारी आवश्यक : चौ.जितेंद्र नाथ सिंह

विजय श्रीवास्तव
-अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वावधान में राष्ट्रीय युवा सम्मेलन का आगाज
-समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध लोगों को किया गया सम्मानित
वाराणसी। कायस्थ समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है, देश की सामाजिक सरंचना को मजबूत एवं विकसित करने के लिये कायस्थ समाज को राजनैतिक भागीदारी के लिए आगे आना होगा। उक्त बातें अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा सिगरा स्थित साजन सिनेमा हाल परिसर में आज आयोजित राष्ट्रीय युवा सम्मेलन में महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं के0पी0 ट्रस्ट प्रयागराज के अध्यक्ष चौधरी जितेंद्रनाथ सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कहा।
उन्होंने कहा कि जब जब देश व समाज को जरूरत पड़ी है कायस्थ समाज ने अपनी सहभागिता दी है। कहा कि लोकतंत्र में संख्या बल की पूजा होती है जब तक कायस्थ समाज सड़कों पर नही निकलेगा कोई भी राजनैतिक दल हमें गम्भीरता से नही लेगा। उन्होंने कहाकि आगामी विधानसभा के चुनाव में जहां कही भी किसी भी दल से या निर्दल कायस्थ प्रत्याशी हो आप सभी एकजुट होकर मतदान करें। उन्होंने मंच के माध्यम से राजनैतिक दलों से भी कहाकि हमें कमजोर समझने वालों को हम जबाब देना भी जानते हैं।


कार्यक्रम में के स्वागताध्यक्ष, युवा प्रदेश अध्यक्ष के व स्नातक एमलसी आशुतोष सिन्हा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी को स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्रम से स्वागत व अभिनन्दन किया और चुनाव में सहयोग के लिए सभी का आभार प्रकट किया और हमेशा सहयोग के लिए तैयार रहने हेतु आश्वस्त किया। अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव ने कहा कि हमारें समाज के स्वामी विवेकानंद जी ने विचारों से पूरी दुनिया को प्रभावित किया था। उन्होंने समाज के युवाओं से राजनीति में आगे आने का आवाह्न किया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री चित्रगुप्त जी के चित्र पर विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित अनिल श्रीवास्तव वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं मनोज श्रीवास्तव क्षेत्रीय संगठन मंत्री विश्व हिंदू परिषद द्वारा पुष्पार्चन,दीप प्रज्ज्वलन व पूजा अर्चन से हुआ । चित्रगुप्त भगवान की आरती अनिल वेदांती एवं गंगा अवतरण की नृत्य प्रस्तुति अमित श्रीवास्तव ने किया


इस दौरान राष्ट्रीय युवा सचिव अखिलेश श्रीवास्तव ने तीन बिंदुओं पर प्रस्ताव ले आया कि आज का यह युवा सम्मेलन आम सहमति से यह प्रस्ताव लाती है कि भारत सरकार आगामी देश में होने वाले जनगणना में कायस्थ जात की गणना का प्रावधान करें। दूसरा प्रस्ताव यह समाज नौकरी पर जीवन यापन करता रहा है वर्तमान परिस्थिति में नौकरी के अभाव को ध्यान में रखते हुए आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लोगो को नौकरियों में आरक्षण दिया जाना अति आवश्यक है। तीसरा प्रस्ताव यह समाज किसी एक राजनीतिक दल का पक्षधर नहीं है इसलिए सभी राजनीतिक दलों से अपील की गयी कि अधिक से अधिक संख्या में इस समाज के लोगों को प्रत्याशी घोषित करे। सभी चित्रांश बंधुओं ने प्रस्ताव का स्वागत करते हुए करतल ध्वनि से पारित किया। अभिनंदन व सम्मान समारोह में इस समाज के प्रबुद्ध एवं कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व का बारिश से निर्वहन करने वाले चित्रांश बंधुओं का हार्दिक अभिनंदन व स्मृति चिन्ह तथा अंगवस्त्रम लगभग 250 लोगों को प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय युवाध्यक्ष अमित श्रीवास्तव एवं संचालन संयुक्त रुप से डा.पंकज श्रीवास्तव, अखिल आनन्द ने किया। कार्यक्रम के अन्त में शशिकान्त श्रीवास्तव ने उपस्थित समस्त चित्रांश बन्धुओं, मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का आभार प्रकट किया। सम्मेलन को प्रमुख रूप से सर राहुल श्रीवास्तव विकास श्रीवास्तव, अरविन्द श्रीवास्तव, हरि शंकर सिन्हा, विजय श्रीवास्तव, वीरन्ेद्र श्रीवास्तव, दीपेन्द्र श्रीवास्तव, हरीश चंद्र श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव, बबलू सिन्हा, मकरंद श्रीवास्तव, संदीप श्रीवास्तव रामेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, आशु श्रीवास्तव, सानू सिन्हा, निरंजन श्रीवास्तव, अर्पित श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, शुभम श्रीवास्तव, अमन श्रीवास्तव, डाक्टर एस के वर्मा, डॉ आनंद श्रीवास्तव, डॉक्टर अंजन श्रीवास्तव, डॉ मनोज श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, डॉ रश्मि चित्रांशी, प्रवीण श्रीवास्तव, ज्ञानू श्रीवास्तव, उदय श्रीवास्तव आदि ने संबोधित किया।

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