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सारनाथ में निकली भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि की भव्य शोभायात्रा

विजय श्रीवास्तव
-तीसरे दिन भी हजारों बौद्ध अनुयायियों ने किया पवित्र अस्थि का दर्शन
-हाथी की पालकी पर बौद्ध अस्थि को रख कर निकली शोभायात्रा

वाराणसी। आस्था व तपस्या की तपोभूमि पर आज भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थियों का भव्य शोभायात्रा निकाली गयी। हाथी पर भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थियों को रखा गया था। उसके पीछे एक रथ चल रहा था जिसपर भगवान बुद्ध की मूर्ति रखी हुई थी। भव्य शोभायात्रा में देश-विदेश के आये हजारों बौद्ध अनुयायी बुद्धम् शरणम् गच्छामि, संघम् शरणम् गच्छामि, धम्मं् शरणम् गच्छामि का उद्घोष करते हुए चल रहे थे। इस दौरान हजारों की संख्या में स्कूली छात्र हाथों में पंचशील का झण्डा लिए रहे थे।
मूलगंध कुटी विहार के 88 वें वर्षगाठ पर सारनाथ में आज तीसरे व अन्तिम दिन हजारों बौद्ध अनुयायिओं ने भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि का दर्शन किया। प्रातः महाबोधि सोसायटी के महासचिव डाॅ पी सिबली थेरो व मूलगंध कुटी के विहाराधिपति डाॅ मेघांकर थेरो के नेतृत्व में मूलगंध कुटी विहार मन्दिर की विधिवत पूजन किया गया। सुबह से ही मूलगंध कुटी विहार परिसर में रखे अस्थि का दर्शन के लिए देश-विदेश से आये बौद्ध अनुयायिओं की लम्बी लाइन लग गयी थी। ‘बुद्धम् शरणम् गच्छामि‘ के उद्घोष से पूरा सारनाथ गंुजायमान हो रहा था। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध की अस्थि को तीन दिनों के लिए बौद्ध अनुयायियों के दर्शनार्थ रखा गया था। तत्पश्चात अपराह्न 2 बजे से भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थियों की भव्य शोभायात्रा निकाली गयी। जो मूलगंध कुटी विहार परिसर से प्रारम्भ होकर सारनाथ के विभिन्न स्थलों का भ्रमण करते हुए सारनाथ खण्डहर परिसर होते हुए पुनः मूलगंध कुटी पर समाप्त हुई। शोभायात्रा में आगे-आगे हाथी चल रहे थे वहीं उसके पीछे रथ व उसके पीछे बौद्ध अनुयायी धर्मशील झण्डे को लेकर चल रहे थे।
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