सारनाथ मेला 28 जुलाई से, प्रशासन बेखबर, सड़क व गलियों की हालत खस्ता

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आलोक कुमार/विजय श्रीवास्तव
-आईडीपीएस के मानक के अनुरूप कार्य न कराने से सडकों व गलियों के किनारें बडे-बडे गढ्ढे 
-आशापुर बाजार से होकर कुष्टआश्रम होते हुए हलेलिया चैराहा के जर्जर मार्ग को ठीक कराने की मांग
वाराणसी। आस्था व तपस्या की तपोभूमि सारनाथ में लगने वाला श्रावण मास का प्रसिद्ध मेला 28 जुलाई से प्रारम्भ हो रहा है। लगभग एक माह तक चलने वाले इस प्रसिद्ध मेले में आसपास जिलों से भी भारी संख्या में लोंग आते हैं और मेले का लुफ्त उठाते हेैं। विगत वर्षो प्रशासन हफ्तों पहले इसकी तैयारी में लग जाता था लेकिन इस बार तीन दिन शेष रहने के बावजूद अभी तक जिला प्रशासन स्तर पर इस मेले के निमित्त कोई विशेष तैयारी नहीं दिख रही है। मुख्य मार्गो व गलियों की खस्ता हाल से मेले में आने जाने वालों को निश्चय ही परेशानी का सामना करना पडेगा। मेला परिसर इलाकें में भी सफाई आदि न होने से स्थानीय लोंगो के साथ सामाजिक संगठनों में रोष व्याप्त है।

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किवदन्ती के अनुसार श्रावण मास में भगवान शिव माॅ पार्वती के साथ पूरे श्रावण मास भर सारंगनाथ मन्दिर में विश्राम करते हैं। जिसके उपलक्ष्य में सारनाथ में पूरे श्रावण मास भर यहां मेला लगता है। प्रशासनिक उदासिनता व अतिक्रमण के चलते मेला परिसर मंदिर के आसपास के इलाकों में सिमट कर रह गया है। रविवार-सोमवार को इसे मेलें में भारी भीड होती है। आशापुर इस सारनाथ मेेलें मेें जाने वाला शहर से जोडने वाला मुख्य मार्ग है लेकिन सडकों की चैडाई के विस्तार के लिए हो रहे कार्य के चलते गढ्ढों को खोद कर छोड देने से उसमें पानी भर गया है। आसपास शाम को इस मार्ग पर अस्थाई दुकानें लग जाने से जाम की समस्या हो जाती है।

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इसके साथ ही आसपास के गलियों में आईडीपीएस द्वारा मानक के अनुरूप विद्युत केबल न डालने से जगह-जगह गढ्ढे हो जाने से स्थिति बदतर हो गयी है। नवापुरा-तिसरियाॅ मार्ग, ब्रह्माकुमारी आश्रम व बुद्धा सिटी जाने वालें मार्ग, आशापुर से मवइयाॅ गांव में जाने वाले मार्ग सहित अन्य गलियों की हालत पूरी तरह से खस्ता हो गयी है। सडकों के किनारें-किनारें बडे-बडे गढ्ढे और उसमें भी बरसात होने से स्थिति और नरकीय हो जाती है। यही कमोवेश स्थिति आसपास के गलियों की भी है जहां मानक के अनुरूप केबल भूमिगत का कार्य न होने से किनारें-किनारें गढ्ढे हो गये है।

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सारनाथ डेवलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष डाॅ आलोक कुमार ने बताया कि आशापुर रेलवे क्रासिंग पर पुल बनने के चलते आए दिन भीषण जाम हो जाता है। जिससे इस बार मेलें में गाजीपुर-सैदपुर-चैबेपुर से आने वाले लांेंगो को काफी परेशानी का सामना करना पड सकता है। ऐसे में अगर सम्पर्क मार्ग आशापुर बाजार से होकर कुष्टआश्रम होते हुए हलेलिया चैराहा तक के गढ्ढे युक्त जर्जर मार्ग को ठीक करा दिया जाए तो जहां मेलें में आने वाले लोंगो को काफी राहत होगी वहीं जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस सम्पर्क मार्ग पर अविलम्ब कार्य कराया जाए जिससे लोंगो को परेशानी न हो।

 

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