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हम मक्खन पर लकीर नहीं पत्थर पर लकीर खीचना जानते हैं : पीएम मोदी

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डाॅ आलोक कुमार/विजय श्रीवास्तव
-देश के 72 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला से पांचवी बार पीएम मोदी ने किया संबोधन
-25 सितम्बर से देश में आयुष्मान स्वास्थ्य योजना होगी लागू
-आज देश 6वीं अर्थव्यवस्था वाला देश बन चुका है
नई दिल्ली। देश के 72 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला से पांचवी बार पीएम नरेन्द्र मोदी ने संबोधित करते हुए कहा कि देश आज आत्मविश्वास से भरा हुआ है। हम नई ऊचांइयों को आज छू रहे हैं। देश में आज नई उर्जा का संचार हुआ है। इस दौरान उन्होंने देश में स्वास्थ्य सुविधा प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि इससे देश के 10 करोड गरीब परिवार को निःशुल्क स्वास्थ्य योजना का लाभ मिल सकेगा। इससे देश का 50 करोड का तबका स्वास्थ्य सुविधा का लाभ उठायेगा। इस योजना को हम 25 सितम्बर को पं दीनदयाल उपाध्याय की जयन्ती के अवसर पर पूरे देश को लागू करेंगे।

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पीएम मोदी ने लाल किला की प्राचीर से सम्बोधित करते हुए कहा कि इस बार का संसद सत्र पूरी तरह से सामाजिक न्याय को समर्पित रहा। इस सत्र में हमने ओबीसी आयोग को सवैंधानिक दर्जा दे कर पिछडों को सबंल बनाने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हम मक्खन पर लकीर नहीं वरन् पत्थर पर लकीर खीचने वाले लोग हैं। मक्खन पर हर कोई लकीर खीच सकता है। उन्होंने कहा कि आज  विश्व की छठी अर्थव्यवस्था में भारत ने अपना नाम दर्ज करा दिया है। ऐसे माहौल में हम देश का पर्व मना रहे है। यह गौरव की बात है। हमारें देश के बेटे व बेटियों ने जहां सात संमदर पार किया वहीं एवरेस्ट पर झंडे फहरा कर भारत का नाम रोशन किया। बाढ व बारिश से प्रभावित राज्यों का भी जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मैं उनके दुख में खडा हुआ हूं। दुनिया में हिन्दुस्तान की दमक हो इसके लिए हम सबको आगे बढने की जरूरत है।

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पी एम मोदी ने कहा कि सवा सौ करोड लोंगो का लक्ष्य, सवा सौ करोड लोगो का सपना, सवा सौ करोड लोंगो का संकल्प जब एक साथ चल पडते है तो हर काम पूरा होता है। 2014 से सवा सौ करोड लोग आज भी देश को सजाने सवारनें में लगे हैं लेकिन इसका आकलन करने के लिए हमने जहां से काम शुरू किया उस पर मंथन करना जरूरी हैं । इसके लिए 2013 के काम को देखना होगा। उस दौरान स्वच्छता, शौचालय बनाने, आफटिकल फाइवर लगाने का काम करने की रफ्तारए गांव में बिजली पहुंचाने का काम अगर उसी रफ्तार से चलता तो देश को सैकडों साल लगते । अचरज की बात यह है कि सब कुछ काम वहीं लोग कर रहे हैं जो पहले थे। हमने केवल 2014 से सिस्टम बदलने का काम किया है और सब कुछ बदल गया है। जो सामने दिख रहा है। आज जहां डिजिटल इंंिडया पर हिन्दुस्तान काम कर रहा है। वहीं दिव्यंागों की सुख-सुविधा पर भी उसी गंभीरता से काम करा है।

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उन्हेांने कहा कि जीएसटी से कौन नहीं सहमत था लेकिन इसे लागू करने की हिम्मत किसी में नहीं थी । इससे आज देश के व्यापारियों में उर्जा का संचार हुआ है। इससे देश आज आगे बढ रहा है। बैंक के सिस्टम को हमने बदलने का काम किया है। बेनामी सम्पत्ति कानून के लिए जिगर चाहिए। जो हमने किया। हम कडे फैसले लेने में विश्वास करते है। आज वेैश्विक अर्थव्यवस्था में विश्व भारत को देख रहा है। 2014 के पहले दुनिया के अर्थशास्त्री क्या कहते थे कि भारत की अर्थव्यवस्था में रिस्क है। पहले रेड टेप की बात होती थी अब रेड कार्पेट की बात होने लगी है। आज रिफॅार्म, फरफार्म की सरकार बन गयी है जबकि पहले पाॅलिसी पैरालिस की बात होती थी। उन्होंने कहा कि अब सोया हुआ हाथी चल चुका है। जो आगे 30 वर्ष तक विश्व के अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने वाला है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज 13 करोड लोंगो को मुद्रा लोन दे कर युवाओं के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया है। कामन सर्विस सेन्टर के माध्यम से पूरे देश के कोने में पलक झपते हर तरह का काम करने का काम किया जा रहा है। हमारा देश अन्तरिक्ष की दुनिया में प्रगति करता रहा है। हम 2022 में आजादी के 75 वें जश्न पर देश का कोई जवान हाथ में तिरंगा झंडा लेकर जाने का लक्ष्य रखा है। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता पर विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने कहा कि डब्लू एच ओ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आज स्वच्छता के चलते देश के तीन लाख बच्चे का जीवन बच सका है। पहले गरीब का गंेहू-चावल अनाज अमीर चुरा लेते थे। आज हमने उसे रोकने का काम किया हैं।

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-देश में डायरेक्ट टैक्स देने वालों की संख्या पहले लगभग चार करोड थी जब कि आज यह संख्या पौने सात करोड हो चुकी है। यह ईमानदारी का नमूना है।
-हम भ्रष्टाचार को छोडने वाला नहीं हूॅ, देश को दीमक की तरह से यह खून चूस रहे थे । आज उनकी आज दुकाने बन्द हो चुकी है। रिश्वत पर हमने सख्ती से रोकने की कोशिश की है।
-बलात्कार की पीडा जितना बेटियों को झेलना पडता है उससे अधिक पीडा हर इंसान को होनी चाहिए। इसे रोकना होगा। राजस्थान व मध्यप्रदेश में बलात्कार के आरोपियों को पंाच दिन में फांसी की सजा मिेली। इसे अधिक से अधिक प्रचारित करने की जरूरत है। आज किसी को भी कानून को अपने हाथ में लेने की स्वतंत्रा नहीं होगी।
-मुस्लिम महिलाओं को भी उनके अधिकारों को हर कीमत में लागू करूंगा। जबकि आज भी कुछ लोग इसे रोकना चाहते हैं।

 

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