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हार्दिक पटेल को मेहसाणा दंगा के दौरान हिंसा पर मिली 2 साल की जेल, कोर्ट से मिली जमानत

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-25 अगस्त से फिर आरक्षण के मुद्दे को लेकर हड़ताल पर बैठने वाले हैं हार्दिक पटेल
-हार्दिक के साथ दो अन्य लोंगो को सजा जबकि 14 बरी
नई दिल्ली। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को 2015 के मेहसाणा दंगा के दौरान हिंसा पर कोर्ट ने 2 वर्ष की सजा सुनायी है। इसके साथ ही सरदार पटेल ग्रुप के लालजी पटेल ओर ऐके पटेल को विसनगर कोर्ट ने उन्हें 2 साल कि सजा भी सुनायी है। वैसे हार्दिक पटेल को कोर्ट से ही जमानत मिल गयी। हार्दिक पटेल समेत दोनों पर पाटीदार आन्दोंलन को लेकर हुए हिंसा में आगजनी और तोड़फोड़ का आरोप था। जिसमें 14 लोंगो को मौत हो गयी थी।

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गौरतलब है कि वर्ष 2015 में गुजरात में आरक्षण की मांग को लेकर हार्दिक पटेल की अगुवाई में पाटीदार आंदोलन जोरदार ढंग से उठा था। जिसके चलते सड़क जगह-जगह आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थी। इसी दौरान बीजेपी विधायक ऋषिकेश पटेल के दफ्तर पर हमला हुआ था। जिसमें उनके दफ्तर पर आगजनी और तोड़फोड़ की गई, जिसमें हार्दिक पटेल और लालजी पटेल पर आरोपित किया गया था। कोर्ट ने दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, लेकिन 5000 के मुचलके पर उस समय हार्दिक पटेल को जमानत मिल गई थी।
इस मामले में आज विसनगर कोर्ट ने 17 आरोपियों में से 3 लोगों को दोषी ठहराया है, वहीं 14 लोगों को बरी कर दिया है। जानकारी के मुताबिक हार्दिक पटेल समेत दोनों को 50 -50 हजार का जुर्माना और 10-10 हजार मुआवजे के तौर पर चुकाने का आदेश दिया है। मालूम हो कि उस दौरान सरकार ने यह घोषणा की थी कि वो पाटीदार आंदोलन के दौरान हुए दंगों के सभी मामले वापस ले लेगी, लेकिन कहीं हार्दिक पटेल समेत दो लोंगो की सजा ने एक बार पाटीदारों के बीच चिनगारी फूंक दी है। वैसे हार्दिक पटेल को कोर्ट से ही जमानत दे दी गयी हेै।

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सबसे रोचक बात यह है कि हार्दिक पटेल ने आरक्षण की मांग लेकर एक बार फिर जोरदार आंदोलन करने का ऐलान किया है। जिसमें हार्दिक ने 25 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने की भी घोषणा के साथ एलान किया है कि जबतक पाटीदारों को आरक्षण नहीं मिल जाता है तबतक वह भूख हड़ताल जारी रखेंगे। अब देखना है कि हार्दिक पटेल अपना आन्दोलन जारी रख पाते हैं कि नहीं । वैसे हार्दिक ने इस बीच फिर भूख हडताल की घोषणा करते हुए कहा कि अब आरपार का वक्त आ गया है और पाटीदारों को आरक्षण, बेरोजगारी और किसानों की समस्या उनकी प्राथमिकताएं हैं।

 

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