10 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं पर एफआईआर गैरकानूनी: शतरूद्ध प्रकाश

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-उत्तर प्रदेश विधान परिषद द्वारा गठित बिजली सुधार समिति में शतरूद्ध प्रकाश ने उठाये सवाल
-घरेलू उपभोक्ताओं को भी लोड बढ़ाने के नाम पर उत्पीड़न
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के विधानपरिषद सदस्य शतरूद्ध प्रकाश ने बिजली चोरी का आरोप लगा कर विद्युत विभाग की विजिलेश टीम द्वारा 5 से 10 किलोवाट के लोड वाले मीटरों के उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने के साथ प्राथमिकी दर्ज करने को भयदोहन के साथ गैरकानूनी करार दिया है। उन्होंने कहा है कि इससे प्रदेश सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि 30 नवम्बर को उत्तर प्रदेश विधान परिषद द्वारा गठित बिजली सुधार समिति में इस पर सवाल उठाये गये है। परिषद के नेता शतरूद्व प्रकाश ने कहा कि इस तरह की शिकायत बराबर मिलती रहती है कि घरेलू उपभोक्ताओं के घरों पर पहुंच कर उनसे अधिक लोड की दुहाई देकर कनेक्शन काटने के साथ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्यवाही से आम जनता भयग्रस्त है इसके साथ ही उनसे धनराशि की मांग की जा रही है। जबकि विद्युत नियामक आयोग ने विजिलेंस की टीम को इसकी इजाजत नहीं देता है। उन्होंने कहा कि उप्र सरकार ने विलिलेंस टीम को केवल प्रवेश व तलाशी आदि कर उसकी रिपोर्ट विद्युत विभाग को देने को कहा है। जबकि यह टीम एफआईआर तथा कनेक्शन काटने का भी काम कर रहे हैं। जो नियम विरूद्ध है। उन्होंने कहा कि मीटर चेंिकंग के नाम पर आये दिन लोड बढ़ा कर आम जनता को परेशान किया जा रहा है। जबकि तीन माह तक अगर मीटर में अधिक लोड दर्शाता है तब विद्युत विभाग उपभोक्ता को लोड बढ़ाने का पत्र भेजकर कहेगा। वैसे अब आ रहे इलेैक्ट्रानिक मीटर अधिकतम डिमान्ड को दिखला देते है।

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