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13 वर्ष बाद हत्याकाण्ड का मुजरिम एसटीएफ की पकड़ में

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-17 अगस्त 2004 को सिगरा में दिनदहाड़े हुई थी हत्या
-बाबतपुर में एक होटल के पास से गया गिरफ्तार
वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र में 17 अगस्त 2004 को सुनील कुमार सिंह की हुई दिनदहाड़े हत्या में फरार चल रहे पुरस्कृत अपराधी वीर कुमार सिंह को एसटीएफ की टीम ने 13 वर्षो के बाद पकड़ने में सफलता प्राप्त की। उसके पास से 4 मोबाइल फोन, एक स्कार्पियों गाड़ी बरामद हुई है। एसटीएफ टीम के निरीक्षक विपिन कुमार राय को मुखबीर से सूचना मिली कि के जी इण्टरनेशनल होटल,बाबतपुर रोड के पास वीर बहादुर सिहं आने वाला है। जिसपर तुरन्त श्री राय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच कर घेरेबन्दी कर टीम ने दबोच लिया।
गौरतलब है कि अमित पाठक, एसएसपी, एसटीएफ लखनऊ के निर्देश पर पुरस्कार घोषित अपराधियों के विरूद्ध अभयान चलाया जा रहा था। इसके तहत ही ज्ञानेन्द्र नाथ प्रसाद अपर पुलिस अधीक्षक के व विनोद कुमार ंिसह पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एसअीएफ वाराणसी में टीमें गठित कर अभिसूचना संकलन की कार्यवाही कर रही थी। इसी दौरान जानकारी प्राप्त हुई कि 17 अगस्त 2004 को वाराणसी के संत रघुबर नगर में सुनील कुमार सिंह पुत्र कल्पनाथ सिंह की मोटर साइकिल सवार बदमाशों ने हत्या कर दी थी। इस घटना में मुख्य अपराधी वीर बहादुर सिहं फरार चल रहा था। उसकी कुर्की भी की जा चुकी थी। एसएसपी वाराणसी ने उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रूपये का पुरस्कार घोषित किया था। जिसे 13 वर्ष बाद आज एसटीएफ की टीम ने धर दबोचा। पूछताछ में वीर कुमार ंिसह ने बताया कि वह नरौनी, पावना, भोजपुर, आरा बिहार का निवासी है और वर्तमान में वाराणसी में ही रहा था।उसकी मित्रता गुड्डू उर्फ करिया से थी जो माफिया बृजेश सिंह के सम्पर्क में था। उसने बताया कि वर्ष 2004 में लंका थाना क्षेत्र के एक मकान को लेकर करिया व सुनील का विवाद हो गया। इस विवाद के दोैरान करिया लापता हो गया। जिसकी लाश कुछ दिनों बाद उन्नाव में मिली। उसे शक था कि उसकी हत्या सुनील ने ही करायी है। जिसपर इसका बदला लेने के लिए करिया के भाई राजू को साथ लेकर योजना के तहत 17 अगस्त 2004 को सुनील कुमार पर संत रघुबर नगर के पास गाड़ी से जाते समय ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी गयी। इसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ जिसमें वीर कुमार व उसके करिया के भाई राजू के अलावा सुशील सिंह व अजय मरदह का नाम आया। जिसमें सुशील व राजू बरी हो चुके हैं।

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