86 लाख किसानों के 1 लाख तक के कर्ज माफ

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-विजय श्रीवास्तव
-यूपी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में फैसला
-सरकार ने 80 लाख मीट्रिक गेंहू खरीदेगी
-26 अवैध बूचड़खाने बंद किए गए
-गाजीपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का फैसला
-राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालने के 16 दिन बाद आखिरकार योगी सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक में सरकार ने 86 लाख किसानों के 1 लाख तक के कर्ज को माफ करने की घोषणा कर दी। यूपी के 92.5 फीसदी यानी 86 लाख लघु और सीमांत किसानों का कर्ज माफ किया गया है। सरकार ने 30729 करोड़ का कर्ज पूरी तरह से माफ किया। इन किसानों पर अधिकतम एक लाख रुपये तक का कर्ज है।
योगी सरकार ने 7 लाख किसानों के ऐसे लोन जो एनपीए बन गया था वो भी माफ करने की घोषणा की है। इन 7 लाख किसानों पर तकरीबन 5630 करोड़ रुपये का एनपीए था जो माफ किया गया है। सरकार ने कुल मिलाकर 36 हजार 359 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया है। यह घोषणा कृषि मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कर्ज माफी का ऐलान किया।
केबिनेट की बैठक में आज इसके अलावा सरकार ने 80 लाख मीट्रिक गेंहू खरीदेगी की भी बात की। इसके अलावा 5000 गेहूं खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें मुख्यमंत्री द्वारा मॉनिटर किया जाएगा। समर्थन मूल्य का पैसा सीधा किसानों के खाते में जाएगा। बिचोलिए खत्म होंगे। किसानों को उनके गेहूं के लिए 1625 रूपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तो मिलेगा ही, उसके अलावा दस रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से ढुलाई और लदाई का भी दिया जाएगा। सरकार सुनिश्चित करेगी कि सभी खरीद केंद्रों पानी और पर्याप्त छाया की व्यवस्था हो। किसान से उसके आधार कार्ड या अन्य ऐसे ही दस्तावेज के आधार पर सीधी खरीद की जाए। आलू के किसानों को राहत पहुंचाई जाएगी। आलू खरीद के लिए तीन लोगों की कमेटी बनेगी।
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि रोजगार के लिए युवाओं को बाहर ना जाना पड़े इसके लिए सरकार काम करेगी। मंत्रियों का एक समूह अलग-अलग राज्यों में जाकर वहां की उद्योग नीतियों को समझेगा। यहां पर सिंगल विंडो नीति का निर्माण होगा। दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में ये मंत्रियों का समूह बनेगा। पूंजी निवेश पर जोर रहेगा। अवैध बूचड़खाने नहीं चलाए जाएंगे. 26 अवैध बूचड़खाने बंद किए गए।
योगी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में किसानों के हित के तमाम फैसले लिए गए। कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ सिंह ने मीडिया को ब्रीफ करते हुए कहा कि अब यूपी में किसानों को बिचैलियों से मुक्ति मिलेगी. उन्हें गेहूं का सही दाम मिलेगा। पत्रकारों से बातचीत करते हुए द्वय मंत्रियों ने कहा कि यूपी में बड़ी तादाद में पूंजी निवेश हो इसके लिए नई उद्योग नीति बनाने का फैसला लिया गया। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के सदस्य अलग-अलग राज्यों में जाकर वहां की नीतियों का अध्ययन करेंगे और उसके आधार पर यहां लागू करने का सुझाव देंगे। कमेटी की अध्यक्षता डॉ. दिनेश शर्मा करेंगे। राजेश अग्रवाल, सतीश महाना, नंद गोपाल गुप्ता नंदी और श्रीकांत शर्मा सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। इसके अलावा आलू किसानों के राहत के मद्देनजर इस बात की व्यवस्था की जा रही है कि उन्हें फसल का उचित मूल्य मिले। आलू की खरीद के लिए 3 सदस्यीय कमेटी बनाई गई. कमेटी की अध्यक्षता केशव प्रसाद मौर्य करेंगे। आलू किसानों को राहत देने के तौर-तरीके पर भी कमेटी विचार करेगी। इसके साथ ही महिला सुरक्षा पर कड़े कदम उठाते हुए एंटी रोमियो स्क्वायड बनाया गया। एंटी रोमियो स्क्वायड राज्य के हर थाने पर गठित है। अभियान की प्रमाणिकता और बढ़ाने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रेमी युगल को अनावश्यक परेशान न किया जाए। इसके साथ ही किसानों के हितार्थ किसान राहत बॉन्ड का भी ऐलान। FRVM  के मुताबिक डेबिट 3% से ऊपर नहीं जा सकते। इसको अब बॉन्ड से माफ करेंगे। इसे किसान राहत बॉन्ड कहा जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया वहीं गाजीपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का फैसला लिया गया।

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