काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) निजी स्पोर्ट्स एकेडमी पर रोक

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ब्रोचा ग्राउंड पर अब निजी स्पोर्ट्स एकेडमी अपना ट्रेनिंग सेशन नहीं चला सकेंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इस पर रोक लगा दी है। इस समय ब्रोचा ग्राउंड पर पांच खेलों की निजी एकेडमी प्रशिक्षण दे रही थीं।

विज्ञान संस्थान का निर्णय

विज्ञान संस्थान व्यायाम परिषद की सचिव व खेल प्रभारी प्रोफेसर निर्मला होरो द्वारा जारी निर्देश के बाद यह रोक लगाई गई है। यह निर्णय दो रोलर स्केटिंग एकेडमी के झगड़े के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन से आरटीआई से जवाब मांगे जाने के बाद लिया गया है। इसे गलत आचरण मानते हुए सभी एकेडमी के प्रशिक्षण पर रोक लगा दी गई है। अब सिर्फ बीएचयू और विज्ञान संस्थान के खिलाड़ी ही यहां प्रैक्टिस या खेल सकेंगे।

प्रोफेसर निर्मला होरो का बयान

विज्ञान संस्थान व्यायाम परिषद की सचिव व खेल प्रभारी प्रोफेसर निर्मला होरो के अनुसार, “बीएचयू सिर्फ यहां खेलने की अनुमति देता है। लेकिन अब मारपीट की घटनाओं के बाद एकेडमी एक दूसरे के बारे में बीएचयू से आरटीआई के माध्यम से सूचना मांग रही हैं, जिससे विश्वविद्यालय और संस्थान से कोई लेना-देना नहीं है।”

बाहरी एकेडमी पर प्रतिबंध

ऐसे में संस्थान ने यह फैसला लिया है कि अब यहाँ सिर्फ बीएचयू और विज्ञान संस्थान के छात्र ही खेलेंगे। बाहरी एकेडमी का प्रशिक्षण और खेल गतिविधियां पूरी तरह से अग्रिम आदेश तक प्रतिबंधित रहेंगी।

आरटीआई विवाद

ब्रोचा मैदान पर संचालित रोलर स्केटिंग एकेडमी के खिलाफ एक अन्य एकेडमी ने आरटीआई लगाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से सूचना मांगी थी। इस पर विज्ञान संस्थान ने विश्वविद्यालय प्रशासन ने नाराजगी व्यक्त की है। ऐसे में स्पोर्ट्स प्रभारी निर्मला होरो ने आदेश जारी करते हुए सभी एकेडमी के प्रशिक्षण और खेल पर रोक लगा दी है।

पांच खेलों की एकेडमी पर रोक

ब्रोचा मैदान पर इस समय पांच खेलों – क्रिकेट, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बैडमिंटन और रोलर स्केटिंग की एकेडमी संचालित हो रही हैं। दो एकेडमी की लड़ाई के बाद सुरक्षा कारणों से सभी एकेडमी और सभी बाहरी खेल प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों के खेलने पर प्रतिबंध लगाया गया है।


इस प्रकार, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने ब्रोचा ग्राउंड पर बाहरी एकेडमी के प्रशिक्षण और खेल गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाकर केवल बीएचयू और विज्ञान संस्थान के खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति दी है। सुरक्षा और अनुशासन की दृष्टि से यह कदम उठाया गया है।

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