Breaking News : मकान, मॉल, कोचिंग, अस्पताल, होटल, बड़े आवासीय, व्यावसायिक भवनों व कालोनियों में भी अवैध निर्माण के खिलाफ चलेगा अभियान

विजय श्रीवास्तव
-लेवाना अग्निकांड के बाद सरकार सख्त
-अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त करने की कवायद
-अवैध कालोनियों में लगभग 2 लाख से अधिक अवैध निर्माण

लखनऊ। प्रदेश में बिना नक्सा पास कराए मकान, मॉल, कोचिंग सेंटर, निजी अस्पताल, होटल समेत अन्य बड़े आवासीय और व्यावसायिक भवनों के खिलाफ जांच का अभियान चलेगा। इसके साथ ही कालोनियों में लगभग 2 लाख अवैध निर्माणों के खिलाफ भी सरकार अभियान चलायेगी। सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नियम-कानून के विरूद्ध अवैध निर्माण होने की स्थिति में ऐसे भवनों को सील, ध्वस्तीकरण कर उनके मालिकान पर कार्रवाई की जाए।


जानकारी के मुताबिक प्रथम चरण में पहले सभी विकास प्राधिकरणों को शहरी क्षेत्रों में बने मॉल, कोचिंग सेंटर, निजी अस्पताल, होटल समेत अन्य बड़े आवासीय और व्यावसायिक भवनों की जांच करने को कहा गया है। इसके साथ इस बात का निर्देश दिया गया है कि अवैध निर्माण होने की स्थिति में ऐसे भवनों को सील कर दिया जाए।
उक्त निर्देश प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण ने बुधवार को सभी विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष और सचिव के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए। प्रमुख सचिव ने कहा कि जांच में यह जरूर देखा जाए कि संबंधित भवनों का निर्माण मानकों के मुताबिक हुआ है या नहीं। अगर मानक के विपरीत निर्माण मिले तो भवन स्वामी को नोटिस देकर खामियों को दूर करने को कहा जाए। इस पर भी वह नहीं मानता है तो भवन को सील करने और अवैध हिस्से को तत्काल ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की जाए। प्रमुख सचिव ने सभी प्राधिकरण के अधिकारियों से उनके कार्यक्षेत्र में अवैध निर्माणों और कॉलोनियों के बारे में जानकारी ली तो बताया गया कि प्रदेश भर में करीब पौने दो लाख अवैध निर्माण हैं। इस पर प्रमुख सचिव ने ऐसे निर्माणों को नियमानुसार नियमित करने का मौका देने अन्यथा सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।


लखनऊ में एक होटल लेवाना में चार लोंगो की जान जाने के बाद अब योगी सरकार एक्शन मूड में हैं। गौरतलब है कि राजधानी में अवैध तरीके से बनाए गए होटल लेवाना सुइट्स में हुए अग्निकांड के बाद सरकार और शासन ने अवैध निर्माणों को लेकर सख्ती शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सभी विकास प्राधिकरणों को शहरी क्षेत्रों में बने मॉल, कोचिंग सेंटर, निजी अस्पताल, होटल समेत अन्य बड़े आवासीय और व्यावसायिक भवनों की जांच करने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि किसी भी भवन मकान या कुछ भी अवैध निर्माण होने की स्थिति में ऐसे भवनों को सील कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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