एक बाबा पर और मुकदमा दर्ज, कोर्ट के आदेश पर परमधाम न्यास के संस्थापक पर मुकदमा दर्ज, नोएडा की महिला से दुष्कर्म का है आरोप

एक बाबा पर और मुकदमा दर्ज, कोर्ट के आदेश पर परमधाम न्यास के संस्थापक पर मुकदमा दर्ज, नोएडा की महिला से दुष्कर्म का है आरोप

परमधाम न्यास के संस्थापक के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज

मेरठ के दौराला में स्थित परमधाम न्यास के संस्थापक के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर बड़ी कार्रवाई की गई है। इसमें चार वर्ष पहले हुए यौन उत्पीड़न के मामले में न्यास के संस्थापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

नोएडा की महिला के आरोपों के बारे में

नोएडा की एक महिला ने 2019 में हुए दुष्कर्म के मामले में शनिवार को कोर्ट के आदेश पर मेरठ के दौराला थाने में परमधाम न्यास के संस्थापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। परमधाम न्यास के मीडिया प्रभारी ने दबाव बनाने के लिए मुकदमा दर्ज करने की बात कही।

यौन उत्पीड़न के मामले में परमधाम न्यास के संस्थापक पर आरोप

नेशनल हाइवे 58 पर स्थित परमधाम न्यास के संस्थापक पूर्ण गुरु चंद्रमोहन पर नोएडा निवासी एक महिला ने 2019 में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। इस मामले में दंपती ने थाने पर शिकायत की थी, लेकिन उस समय मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। परंतु परमधाम न्यास ने महिला के पति के खिलाफ धोखाधड़ी, यौन उत्पीड़न, और ब्लैकमेलिंग के मुकदमे को दर्ज कराया था। इसके बाद जांच के बाद महिला के पति को जेल भेज दिया गया था।

नए मामले में कोर्ट के आदेश पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज

जेल से छूटकर आने के बाद दंपति कोर्ट की शरण में पहुंचे और शनिवार को कोर्ट के आदेश पर महिला की तहरीर पर दौराला थाना पुलिस ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

दबाव बनाने के लिए मुकदमा दर्ज किया गया

परमधाम न्यास के मीडिया प्रभारी सतीश का कहना है कि मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति पर परमधाम न्यास को ओर से यौन उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग, और धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज कराएगए थे। पुलिस ने इस व्यक्ति को जेल भेजा था। दबाव बनाने के लिए इस व्यक्ति ने कोर्ट के माध्यम से गुरु चंद्रमोहन को बदनाम करने के लिए मुकदमा दर्ज करवाया जा रहा है। इस मामले में किसी भी तरह का दुष्कर्म का मामला नहीं है।

Note : यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपित नहीं करता है। हमेशा सत्यापन करने के लिए यथार्थ और प्रमाणित स्रोतों का सहारा लें।

By Vijay Srivastava