चंदौली : डिप्टी एसपी अनिरुद्ध सिंह के बेटे का नेवी मर्चेंट में चयन

चंदौली जिले में डिप्टी एसपी के पद पर तैनात अनिरुद्ध सिंह के बड़े बेटे जय का नेवी मर्चेंट में चयन होने पर स्थानीय लोगों ने अनिरुद्ध सिंह को ढेर सारि बधाई दी। लेकिन अनिरुद्ध सिंह ने इस सफलता का श्रेय अपने बेटे की मां को दिया, जिनके सहयोग और मेहनत से जय ने इतनी कम उम्र में यह मुकाम हासिल किया है।

पुरानी कहावत का चरितार्थ

यहां एक पुरानी कहावत ‘बाढ़े पूत पिता के धर्मे, खेती उपजे अपने कर्मे’ साकार होती दिखाई देती है। इसका अर्थ है कि अच्छे कर्म और धार्मिकता से संतान की सफलता और संपत्ति बढ़ती है, जबकि खेती की अच्छी उपज अपने परिश्रम से होती है। अनिरुद्ध सिंह के बेटे जय की सफलता उनके माता-पिता के अच्छे कर्मों का परिणाम है।

शैक्षिक यात्रा और नेवी मर्चेंट में चयन

जय ने वाराणसी के डीपीएस पब्लिक स्कूल से हाई स्कूल की शिक्षा पूरी की और इंटरमीडिएट ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल से करने के बाद नेवी मर्चेंट में चयनित हुए। जय को उच्च रैंक मिलने के कारण भारत के शीर्ष तीन कैंपस – आईएमयू चेन्नई कैंप, आईएमयू कोलकाता कैंप, या आईएमयू मुंबई पोर्ट में से किसी एक में जगह मिलना तय है। यह खबर सुनकर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई और सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी।

जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष में जन्म

अनिरुद्ध सिंह ने बताया, “जब जय का जन्म हुआ, मैं जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। एक पुलिस एनकाउंटर में अपराधी की गोली मेरे पेट से पार हो गई थी, लेकिन मैंने बदमाशों को मार गिराया था। हॉस्पिटल में भर्ती होने के दौरान जय का जन्म हुआ, इसलिए मेरे बड़े भाई ने उसका नाम मृत्युंजय रखा।” सीओ अनिरुद्ध सिंह ने कहा, “मेरा बेटा मृत्युंजय मेरे लिए हमेशा गौरव का विषय रहा है और आगे भी रहेगा।”

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