अद गठबंधन के खाते में गई चायल सीट,अद ने नागेन्द्र पटेल को दिया टिकट

मनीष कुमार
-राजेश वर्मा सहित पांच अधिकारी सेवानिवृत होकर कूंदे राजनीति में
-सपा से पूजा पाल, वहीं अतुल द्विवेदी लाइन में

कौशाम्बी। भाजपा-अपना दल में गठबंधन के तहत कोशाम्बी जिले की चायल विधानसभा सीट अपना दल के खाते में चली गई है। इसके कारण भाजपाई दावेदार मायूस हो गये हैं। दावेदार अब अपना दल से ही चुनाव में किस्मत आजमाने के लिए टिकट की लाइन में लग गये थे लेकिन इसी बीच बुधवार की शाम को अपना दल (एस) ने फूलपुर के पूर्व सांसद नागेंद्र सिंह पटेल को टिकट देने की घोषणा कर दी। वैसे इसके वावजूद अपना दल की सदस्यता ग्रहण कर पार्टी से उम्मीदवारी के लिए हाल में प्रदेश सरकार से वीआरएस लेकर साफ सुथरे छवि के सेवानिवृत्त अधिकारी राजेश वर्मा सहित कुछ अन्य दावेदार अभी भी चायल सीट पर अपनी दावेदारी के लिए प्रयासरत हैं। जिसे लेकर जिले का सियासी पारा चढ़ गया है।
गौरतलब है कि भाजपा गठबंधन में शामिल अपना दल को प्रदेश में 17 सीटें मिलीं हैं। इनमें कौशाम्बी जिले की चायल सीट भी शामिल है। जबकि, इस सीट से वर्तमान में संजय कुमार गुप्ता भाजपा से विधायक हैं। इस सीट से इस चुनाव में भाजपा से करीब आधा दर्जन लोग दावेदारी कर रहे थे जिसमें सिटिंग एमएलए संजय गुप्ता को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन इसी बीच हाईकमान स्तर से हुए समझौते के तहत चायल क्षेत्र अपना दल गठबंधन के खाते में चली गई। जानकारी मिलते ही जहां भाजपाई दोवदारों को मायूसी हाथ लगी वहीं अपना दल से ताल ठोकने के वालें उम्मीदवारों की सक्रियता काफी बढ गयी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाल में वीआरएस प्राप्त पांच अधिकारियों में जहां दो को टिकट भाजपा ने फाइनल कर दिया है वहीं डीपीओ परियोजना अधिकारी के रूप में कौशाम्बी, सिद्धार्थनगर, कबीर नगर में काम कर चुके वीआरएस प्राप्त राजेश वर्मा का अपना दल से चायल सीट पर उम्मीदवारी के लिए अभी भी प्रयासरत हैं। जानकारी के मुताबिक चायल सीट पर अभी भी अन्य प्रत्याशी जुगाड में लगे हुए हैं।
अगर अन्य पार्टी की बात की जाये तो यहां से सपा से पूजा पाल का चायल सीट पर का टिकट फाइनल हो चुका है। बहुजन समाज पार्टी से अतुल द्विवेदी के नाम के चर्चा के साथ अन्य लोग भी इस सीट पर भाग्य आजमाने के लिए लाइन में हैं। अद के नागेंद्र सिंह पटेल फूलपुर के कुंआडीह गांव के रहने वाले हैं। नागेंद्र सिंह पटेल वर्ष 2017 में हुए उपचुनाव में सपा के टिकट पर फूलपुर से सांसद बने थे। यह सीट डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई थी।


जहां तक चायल विधानसभा सीट की बात की जाए तो यह उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, जहां 2017 में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी। चायल सीट पर मतदान रविवार 27 फरवरी 2022 को है। चायल विधानसभा सीट उत्तर प्रदेशके कौशांबी जिले में आती है। 2017 में चायल में कुल 42.15 प्रतिशत वोट पड़े। 2017 में भारतीय जनता पार्टी से संजय कुमार ने भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के तलत अजीम को 40116 वोटों के मार्जिन से हराया था। चायल विधानसभा सीट कौशाम्बी के अंतर्गत आती है। इस संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं विनोद सोनकर, जो भारतीय जनता पार्टी से हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के इंद्रजीत सरोज को 38722 से हराया था। बहरहाल, चायल सीट गठबंधन के खाते में जाने से जिले का सियासी माहौल गरम हो गया है।

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