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यूपी में त्रिस्तरीय चुनाव में अधिकतर जिलों में भाजपा को झटका, सपा ने बढ़ाई जबरदस्त अपनी ताकत

यूपी में त्रिस्तरीय चुनाव में अधिकतर जिलों में भाजपा को झटका, सपा ने बढ़ाई जबरदस्त अपनी ताकत

विजय श्रीवास्तव
-लखनउ में भी सपा ओैर बसपा ने बीजेपी को तीेसरे स्थान पर किया
-सपा व आरएलडी के गठबन्धन ने मचायी धूम
-काशी, मथुरा, अयोध्या, लखनउ आदि शहरों में भी भाजपा को धक्का
-जिला पंचायत अध्यक्ष सीट के लिए जोर-शोर से खरीद-फरोद की होगी कोशिश

वाराणसी। पाॅच राज्यों के चुनाव के बाद अब यूपी में त्रिस्तरीय चुनाव भी सम्पन्न हो चुके हैं। जहां तक पांच राज्यों में हुए चुनाव में असम व पुडुचेरी भाजपा की झोली में आयी लेकिन पश्चिम बंगाल की करारी हार ने दोंनो राज्यों की जीत का जश्न पूरी तरह से फीका कर दिया। अभी भाजपा पश्चिम बंगाल में हार से संभल भी नहीं पायी कि उत्तर प्रदेश में हुए त्रिस्तरीय चुनाव में उसे करारी हार का सामना करना पड रहा है। यूपी के अधिकतर जिलों में भाजपा को झटका लगा है। सपा को त्रिस्तरीय चुनाव के रिजल्ट ने जहां संजीवनी बुटी दे दिया है वहीं बसपा को आक्सीजन। कई जिलों में तो भाजपा तीसरे स्थान पर नजर आयी। यही नहीं भाजपा के गढ कहे जाने वाले वाराणसी, अयोध्या, मथुरा, लखनऊ जैसे शहरों में भी उसे सपा व बसपा ने पीछे छोड दिया। यही नहीं कई शहरों में तो आरएलडी ने अपना परचम लहराया है। वैसे इन सबके बावजूद जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए जोरदार जंग देखने को मिलेगी और खरीद-फरोद हो तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।


यूपी में सपा-747, भाजपा-690, बसपा-381, कांग्रेस-76, निर्दल-1156


उत्तर प्रदेश में कुल जिला पंचायत सदस्य की सीट 3050 है। जिसमें सभी राजनीतिक दलों ने अपने अधीकृत प्रत्याशी उतारें। यह चुनाव को अगर यूपी के 2022 के विधानसभा का सेमीफाइनल कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। जिसमें भाजपा को करारा झटका लगा है। प्रदेश में सपा के अकेले 747 प्रत्याशी जहां चुनाव जीतने में सफल हुए हैं वहीं भाजपा के 690 प्रत्यशी ही चुनाव जीतने में सफल हुए। यूपी की राजनीति से लगभग हासियां पर चल रही बसपा को जरूर इस चुनाव ने आक्सीजन देते हुए 381 सीट दी है। जबकि कांग्रेस किसी तरह से 76 सीटों पर अपनी इज्जत बचाने में सफल रही जबकि वहीं निर्दल प्रत्याशियों की संख्या 1156 रही।

सपा ने इन जिलों में ली बढत


बलरामपुर, अमरोहा, फर्रूखाबाद, श्रावस्ती, फिरोजाबाद, रायबरेली, देवरिया, अयोध्या, उन्नाव, मुरादाबाद, बिजनौर, लखीमपुर खीरी, वाराणसी, चंदौली, लखनऊ, कानपुर देहात, कासगंज, मिर्जापुर, अम्बेडकर नगर, इटावा, रामपुर, प्रयागराज आदि जिलों में प्रथम स्थान पर रही।


भाजपा ने इन जिलों में ली बढत


बदाउ, मुजफफरपुर, अलीगढ, आगरा, हाथरस, बस्ती, गौतमबुद्ध नगर, फतेहपुर आदि जिलों में प्रथम स्थान पर रही।


बसपा ने इन जिलों में ली बढत


मथुरा, गाजियाबाद,सहारनपुर, हापुड आदि स्थानों पर प्रथम स्थान पर रही।


आरएलडी ने अपने बल पर इन जिलों में ली बढत


बागपत, शामली में प्रथम पर रही।
रोचक बात यह रही कि भाजपा रामजन्मभूमि अयोध्या के साथ पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी, कृष्ण की नगर मथुरा व प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी दूसरे पावदान पर दिखी। हाॅ अलबत्ता सीएम योगी ने अपने गोरखपुर में सपा से टक्कर लेते दिखे। यहां भाजपा व सपा को 20-20 सीट मिले हैं। इसी तरह से बुलन्दशहर में भी भाजपा व सपा को 10-10 सीट मिली हैं। वहीं वाराणसी की बात की जाए तो सपा जहां 10 वहीं बसपा 5 सीट जीत कर बीेजेपी को तीसरे पावदान पर करते हुए उसे 3 सीट पर ही संतोष करना पडा।

लखनऊ। बेरोजगारी की मार झेल रहे और पुलिस विभाग में अपने भविष्य तलाश रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर और असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर पदों पर बंपर भर्तियां निकली हैं।
up police me sub inspector aur assistant sub inspector pado par bumbhar bhart


बहरहाल अब यूपी में जिला पंचायत अध्यक्षी कुर्सी के लिए राजनीति पार्टी में जंग शुरू होगी। अधिकतर जिलों में किसी भी पार्टी को बहुमत न मिलने से अध्यक्षी कुर्सी के लिए जमकर खरीद-फरोद होने की आसार बढ गये हैं। वैसे इस त्रिस्तरीय चुनाव ने एक बात साफ कर दिया है कि 2022 का विधानसभा पिछले बार की तरह एक तरफा न होकर रोमांचक होने के आसार हैं।

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