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मार्क जुकरबर्ग का ऐलान, अब फेसबुक का नाम होगा ’मेटा’

विजय श्रीवास्तव
-सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने अपना नाम बदला
-रोजगार के अवसर के साथ कई अन्य होगे आकर्षण फीचर

नई दिल्ली। सोशल मीडिया से जुडे लोंगो के लिए ब्रेकिंग खबर हे। अब दुनिया का जाना माना फेसबुक को ’मेटा’ के नाम से जाना जायेगा यानि फेसबुक का नाम अब इतिहास के पन्नों में दफन हो गया। अब दुनिया फेसबुक को ’मेटा’ के नाम ही इसे जानेगी और देखेगी। गुरुवार को फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने एक मीटिंग के दौरान इस बात का ऐलान किया। वैसे कई बार बीच में फेसबुक के नाम बदलने की चर्चा चली लेकिन अब मार्क जुकरबर्ग के एलान के बाद से फेसबुक का नया नाम बदल कर ’मेटा’ कर दिया गया है।


गुरूवार को फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने किया एलान


गुरुवार को फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने एक मीटिंग के दौरान ये ऐलान किया। वैसे इस बात की चर्चा काफी समय से चल रही थी कि मार्क जुकरबर्ग अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की दोबारा ब्रान्डिंग करना चाहते हैं। वे कुछ और बेहतर की प्लानिंग काफी समय से कर रहे थे। वे इसे एकदम अलग पहचान देना चाहते है। उनका मानना है कि फेसबुक को सिर्फ एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के तौर पर ना देखा जाए। अब उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए फेसबुक का नाम बदल मेटा किया गया है। कंपनी का फोकस अब एक मेटावर्स बनाने पर है जिसके जरिए एक ऐसी वर्चुअल दुनिया का आगाज हो जाएगा जहां पर ट्रांसफर और कम्यूनिकेशन के लिए अलग-अलग टूल का इस्तेमाल किया जा सकेगा।


नाम बदलने का सुझाव कम्पनी की तरफ से ही दिया गया था


वैसे इस नाम का सुझाव फेसबुक के फॉर्मर सिविक इंटीग्रिटी चीफ समिध चक्रवर्ती की तरफ से दिया गया था। जिसे मानते हुए अब इसका नाम फेसबुक से बदल कर मेटा कर दिया गया है। मेटा के माध्यम से जुकरबर्ग दुनिया में कुछ अजूबा करने की प्लानिंग कर रहे हैं। वैसे वह इसके लिए पहले से ही मार्क जुकरबर्ग वर्चुअल रियलिटी और ऑगमेंटेड रियलिटी में भारी निवेश कर रहे थे ऐसे में उनके लिए अपनी कंपनी का नाम बदल मेटा करना कोई बड़ी बात नहीं थी।


मेटा से खुलेंगे रोजगार के अवसर


वैसे मार्क जुबरबर्क इस नए नाम के जरिए पूरी दुनिया के सामने खुद को सिर्फ एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखने वाले हैं। अब कंपनी ने अपना नाम तो बदला ही है, इसके अलावा कई लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोल दिए हैं। फेसबुक अपने आप को दोबारा रीब्रान्ड तो कर ही रहा है, इसके अलावा अब 10 हजार के करीब नए लोगों को नौकरी पर रखने की भी तैयारी कर रहा हैं। ये सभी लोग मेटार्व वाली दुनिया को बनाने में मदद करने वाले हैं।


नाम बदलने के पीछे क्या है कारण ?


जुबरबर्क की फेसबुक पर कई बार गंभीर आरोप लगाये गये जिसमें कहा गया कि कंपनी अपने यूजर के डेटा तक को सुरक्षित नहीं रख पा रही है। हाल ही में जब एक फेसबुक के पूर्व कर्मचारी Frances Haugen ने कंपनी के कुछ सीक्रेट डॉक्यूमेंट लीक कर दिए थे, उसमें ये सामने आया था कि फेसबुक ने यूजर सेफ्टी के ऊपर अपने खुद के मुनाफे को रखा था। वैसे मार्क जुबरबर्क ने जरूर इसे झूठ बता दिया था, लेकिन कंपनी की काफी किरकिरी हुई। ऐसे में अब जब कंपनी ने अपना नाम बदला है, तब मार्क जुकरबर्ग ने लोगों की निजता का खासा ध्यान रखा है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा है कि आने वाले समय में ऐसे सेफ्टी कंट्रोल की जरूरत पड़ेगी जिससे मेटावर्स की दुनिया में किसी भी इंसान को दूसरे की स्पेस में जाने की इजाजत ना रहे। बहरहाल यह सोशल मीडिया वालों के लिए बहुत बडी खबर है। अब देखना है कि मेटा कौन से नये फीचर के साथ सामने आता है। यह देखना दिलचस्प होगा।

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