अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का विरोध प्रदर्शन, बीएचयू में अव्यवस्था के खिलाफ छात्र धरना

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के केन्द्रीय कार्यालय के बाहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं के विरोध में छात्र धरने पर बैठ गए।

प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची

छात्रों के विरोध को देखते हुए चीफ प्राक्टर सहित डीन ऑफ स्टूडेंट्स और प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची। केन्द्रीय कार्यालय के मुख्य गेट पर छात्रों को रोकने की कोशिश की गई, जिसके दौरान छात्रों और प्राक्टोरियल बोर्ड के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

छात्रों की समस्याएं

छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर में लगातार हरे पेड़ों की कटाई हो रही है, शोध प्रवेश प्रक्रिया में देरी हो रही है, और बिना छात्रावास आवंटन के ही कक्षाओं और परीक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। वायलिन वादन का कोर्स बंद करने के विरोध में भी छात्र प्रदर्शन कर रहे थे।

एबीवीपी अध्यक्ष का बयान

एबीवीपी बीएचयू इकाई के अध्यक्ष प्रशांत राय ने कहा कि बिना छात्रावास आवंटन के कक्षाओं और परीक्षाओं का संचालन गलत है। उन्होंने मांग की कि पहले छात्रावास आवंटित किए जाएं, उसके बाद ही कक्षाओं और परीक्षाओं का संचालन हो।

अन्य छात्रों की शिकायतें

अभय प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में हरे पेड़ों की कटाई हो रही है और प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी विश्वविद्यालय में 3000 सीटें खाली हो गई थीं और इस बार भी वही स्थिति दिखाई दे रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि पीजी कोर्स में बीएचयू कोटे का मेरिट बहुत बढ़ा दिया गया है, जिससे यहां पढ़ने वाले छात्रों को एडमिशन लेने में दिक्कत हो रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी इस गलती को मान रहे हैं, लेकिन सुधार नहीं कर रहे हैं। छात्रों ने 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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