Raju Srivastava : सबको हसानें वाला आज आखिरकार जिन्दगी की जंग हार गया

विजय श्रीवास्तव
-राजू श्रीवास्तव का जन्म 25 दिसंबर 1963 को हुआ था
-राजू श्रीवास्तव का असली नाम सत्यप्रकाश श्रीवास्तव था

वाराणसी। सबको हंसा कर लोट-पोट करने वाला कामेडियन सम्राट राजू श्रीवास्तव आज सबको रूला कर हमेशा-हमेशा के लिए चला गया। जिन्दगी को ठहाकों के बीच जिन्दादिली से जीने वाला राजू श्रीवास्तव आखिर कार 42 दिन जिन्दगी से ऑखमिचौली करने के बाद आखिरकार जिन्दगी का जंग हार गया। वे 10 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट के बाद से एम्स में भर्ती थे। राजू श्रीवास्तव का अंतिम संस्कार कल दिल्ली में किया जाएगा वो कहते थे, जीवन का सही आनंद लेना है… तो भैया जिंदगी की जो भी नकारात्मकता है, उसे सकारात्मक सोच में बदल दो, नहीं तो जी नहीं पाओगे।

कानपुर निवासी राजू श्रीवास्तव का असली नाम सत्यप्रकाश श्रीवास्तव था। कानपुर के बाबूपुरवा में रहने वाले रमेश चंद्र श्रीवास्तव (बलई काका) के घर राजू ने 25 दिसंबर 1963 में जन्म हुआ था और आज देश के प्रसिद्ध कॉमेडिन राजू श्रीवास्तव का 58 साल की उम्र में निधन हो गया। गौरतलब है कि बीते दिनों ट्रेडमिल पर वर्कआउट करते हुए उन्हें हार्ट अटैक आया था। इसके बाद उन्हें हास्पिटल में एडमिट कराया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी और आज उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। पूरी दुनिया को हंसाने वाले राजू श्रीवास्तव आज रोता बिलखता अपने परिवार को वहीं अपने लाखों फैंन्स को छोड गया। अपने पीछे करोड़ों की संपत्ति छोड़कर गए हैं.


कानपुर के एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे राजू श्रीवास्तव बचपन से ही मिमिक्री किया करते थे। बचपन से ही कॉमेडियन बनने का ख्वाब पाले राजू श्रीवास्तव ने इसे पूरा करने के लिए कई स्टेज शो, टीवी शो में काम किया. द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज ने राजू श्रीवास्तव को असली पहचान दिलाई और उनके कॉमेडी का अंदाज लोगों के दिलो-दिमाग पर छा गया।


राजू श्रीवास्तव की कमाई बतौर कॉमेडियन टीवी और फिल्मों से भी होती थी। उनकी कमाई का जरिया वर्ल्ड टूर कॉमेडी शो, अवार्ड होस्ट और विज्ञापन भी थे। राजू के निजी जीवन की बात करें तो उनकी शादी एक जुलाई 1993 को शिखा श्रीवास्तव से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। बेटे का नाम आयुष्मान श्रीवास्तव और बेटी का नाम अंतरा श्रीवास्तव है। बहरहाल अब सबको हसाने वाला कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव नहीं रहा अब केवल बस केवल उसकी यादें भर रह गयी है जो लोंगो के बीच उसे जिन्दा रखेगी।

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