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सभी प्रकार के वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य, जानें महत्वपूर्ण बातें

विजय श्रीवास्तव
-15 जुलाई 2022 के बाद से भरना निजी वाहनों को 5500 रूपये का जुर्माना
-यूपी में निजी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नम्बर लगवाने का समय तय
-आनलाइन भी कर सकते हैं हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट

नई दिल्ली। अब खूबसूरत व डिजाइनदार बने नम्बर प्लेट अपने वाहनों पर लगवाने के दिन लद गये। सरकार ने अब सभी प्रकार के वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। निजी व व्यसायिक दोपहिया चारपहिया वाहनों पर स्मार्ट और हाई सेकोरेटी वाली नंबर प्लेट लगाने का निर्णय ले चुकी है। इसके लिए सरकार ने शासनादेश जारी बहुत पहले कर भी दिया है। जागरूक लोंगो ने लगवाना शुरू भी कर दिया है वैस नयी वाहनों पर स्वंय डीलर ही लगवा कर दे रहा है लेकिन पुराने वाहनों पर भी लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेटें लगाना सुप्रीम कोर्ट और भारत सरकार ने अनिवार्य कर दिया है। ऐसा न करने की सूरत में वाहन चालकों के चालान व उन्हें भारी जुर्माना अदा करने होंगे। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से जुडी अधिक से अधिक जानकारी हमनें देने की कोशिश की है उम्मीद है कि आपके सभी सवालो के जवाब मिल जाये। बस आप ध्यान से देखे ओैर समझें। सभी प्रकार के वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य, जानें महत्वपूर्ण बातें


हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट क्या है:


हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भारत में लाइसेंस प्लेट्स का स्टैण्डर्ड रूप है। इसकी खासियत यह है कि इसमें वाहन के मालिक की एवं उनके वाहन से जुड़ी सारी जानकारी निहित होती है। यह उनकी सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। इसकी शुरुआत 1 मई सन 2012 में की गई थी। यह वह प्लेट है जो पूरे देश में आपके वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर को प्रदर्शित करने का एक यूनिफार्म पैटर्न बनाती है। वैसे मंत्रालय की तरफ से सभी गाड़ियों के लिए 1 अप्रैल 2019 से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लागू की जा चुकी हैं। जबकि इससे संबंधित सभी नोटिफिकेशन भी पहले जारी हो चुके हैं।

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कैसा होता है हाई स्क्यिोरिटी नम्बर प्लेट


नंबर प्लेट पर बाईं तरफ बीच में नीले रंग से अंग्रेजी में इंडिया लिखा होगा। नंबर प्लेट एल्युमीनियम की बनी हुई होती है और इस पर एक होलोग्राम भी होगा, जिस पर चक्र बना होगा। अब नंबर प्लेट पर सात अंकों का आईडी नंबर होगा। इस नंबर प्लेट के कोने राउंड होंगे। इसके ऊपर लेजर से नंबर लिखे होंगे। नंबर प्लेट एक बार वाहन में लगने के बाद उसे खोला नहीं जा सकेगा। नंबर प्लेट पर आपका रजिस्ट्रेशन नंबर होता है। जिसे आसानी से हटाया नहीं जा सकता।


डेटाबेस से जुड़ेगी नंबर प्लेट:


हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को सरकार के वाहन डेटाबेस से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वाहन चोरी के मामलों में कमी आ सके। इसके अलावा तीसरा रजिस्ट्रेशन मार्क में प्रदूषण की रोकथाम के लिए गाड़ी में इस्तेमाल हो रहे इंधन की कलर कोडिंग की जाएगी, जिसे विंड शील्ड पर लगाया जाएगा। ऑटो डीलरों हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के बाद उसे वाहन डाटाबेस से भी लिंक करना जरूरी होगा।


हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से फायदा:


एचएसआरपी से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। इसमें मौजूद रजिस्ट्रेशन मार्क, क्रोमियम-बेस्ड होलोग्राम स्टिकर ऐसे होंगे कि निकालने पर कोशिश पर खराब हो जाएंगे। इस पर लगे स्टिकर में गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ, रजिस्टर्ड अथॉरिटी, लेजर ब्रांडेड परमानेंट नंबर, इंजन और चेसिस नंबर तक की जानकारी होगी। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को सरकार के वाहन डेटाबेस से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वाहन चोरी के मामलों में कमी आ सके। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भारत में लाइसेंस प्लेट्स का स्टैण्डर्ड रूप है। इसकी खासियत यह है कि इसमें वाहन के मालिक की एवं उनके वाहन से जुड़ी सारी जानकारी निहित होती है। यह उनकी सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।


पुराने निजी व व्यसायिक वाहनों के लिए नीति:


मंत्रालय के मुताबिक मौजूदा वाहनों पर भी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाई जाएगी, जो तीसरे रजिस्ट्रेशन मार्क के साथ आएगी। मौजूदा वाहनों पर नंबर प्लेट राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट निर्माता या सप्लायर डीलरों को सप्लाई करेंगे, जो पुराने वाहनों पर लगाएंगे।


वाहनों के हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के रेट:


ः दोपहिया वाहन चालक के लिए 300-400 रुपये के बीच रखी गई है।
ः कार चालक के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की कीमत 600-1100 रुपये के बीच होगी।
वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट पर पांच साल की होगी गारंटी
वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट पर पांच साल की गारंटी भी दी जाएगी। इसमें तीसरा रजिस्ट्रेशन मार्क को एक बार निकालने पर यह प्लेट खराब हो जाएगी। वहीं नए वाहनों पर नंबर प्लेट के लिए कोई अतिरिक्त रकम का भुगतान नहीं करना होगा
सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य नही ंतो होगा भारी जुर्माना
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बिना वाली गाड़ियों पर 5500 रुपए का चालान काटा जायेगा। दिल्ली में यह नियम पहले ही लागू कर दिया गया है। दिल्ली में बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों पर 5500 रुपए का चालान काटा जा रहा है। दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश ने भी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लेकर बड़ा फैसला किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अगले साल 15 जुलाई 2022 से राज्य में हर पंजीकृत वाहन के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य कर दिया है। वाहन मालिकों के पास डेढ़ साल का समय होगा और तबतक उन्हें अपनी गाड़ी पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवानी होगी।


ऑनलाइन बुकिंग कैसे करें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट:


इसके लिए परिवहन विभाग की वेबसाइट www.parivahan.gov.in
पर लॉगिन करना होगा। वहां पर वाहन से संबंधित सर्विसेज के ऑप्शन को क्लिक करना होगा। फिर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करना होगा। वाहनों का पेज डिस्प्ले होगा। दो पहिया व चैपहिया में से एक सेलेक्ट करना होगा। उसके बाद राज्य व शहर को चुनना होगा। फिर शहर में वाहन कंपनी के करीबी डीलर को चुनें। फिर वाहन की चेसिस व पंजीयन नंबर से लेकर खुद का मोबाइल नंबर फीड करें। बाद में आरसी एवं आईडी को अपलोड करेंगे तो आपके मोबाइल पर ओटीपी आएगी। जिसके जरिए नंबर प्लेट लगवाने का टाइम स्लॉट चुनें। डिस्पले कीमत का ऑनलाइन भुगतान करें। प्रक्रिया पूरी होने पर नंबर प्लेट लगवाने का समय आ जाएगा। किसी वजह से यदि तय समय पर वाहन मालिक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने नहीं पहुंच पाते हैं तो भुगतान आईडी के जरिए दोबारा समय बुक कर सकते हैं। उन्हें शुल्क नहीं जमा करना होगा। या साइट से फार्म डाउनलोड करना होगा। फिर इस फार्म को भरने के साथ ही जिस कंपनी की गाड़ी है संबंधित डीलर के यहां पर जमा करना होगा। एक सप्ताह के भीतर आपका हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तैयार हो जाएगा। अप्लाई करने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। उपभोक्ता नंबर प्लेट और स्टिकर की होम डिलीवरी का विकल्प भी चुन सकते हैं। वैसे इसके लिए आप
www.bookmyhsrp.com एवं www.siam.in
पर भी जाकर अपने वाहन की हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट का आर्डर कर सकते है। सरकार ने चार पहिया वाहन के लिए 250 रुपये तथा दो पहिया वाहन स्वामी के लिए 125 रुपये का शुल्क देना होगा। आरटीओ की वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, लखनऊ सहित चार जिलों में इस व्यवस्था को लागू किया गया है।


दिल्ली-एनसीआर के जिलों में 15 अप्रैल आखिरी तारीख था


शासन द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि एसोसिएशन ऑफ रजिस्ट्रेशन प्लेट्स मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इंडिया एवं परिवहन आयुक्त की तरफ से प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद एक प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत 15 अप्रैल 2021 तक दिल्ली-एनसीआर के सभी जिलों के निजी वाहनों एवं उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों के व्यवसायिक वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। इसके बाद संबंधित वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने यूपी में सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और कलर कोडेड स्टीकर लगाने को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार ने इन्हें अनिवार्य कर दिया है. इसके तहत प्रदेश में सबसे पहले सभी व्यावसायिक वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना होगा। इसके लिए 15 अप्रैल आखिरी तारीख तय कर दी गई है। वहीं, निजी वाहनों के लिए उनके क्रमांक के अनुसार अलग-अलग तारीखों तक हाई सिक्योरिटी प्लेट लगवाना अनिवार्य किया गया है।


अन्तिम तारिख निजी वाहनों में हाईसिक्योरिटी नम्बर लगवाने का क्या है:


सरकार ने दिल्ली-एनसीआर छोड़कर यूपी के बाकी सभी जिलों में निजी वाहनों पर वाहन रजिस्ट्रेशन के इकाई नम्बर के अनुसार हाई सिक्योरिटी प्लेट लगाने की तारीखें तय की गई हैं। आखिरी नंबर के आधार पर तारीखें तय की है।
रजिस्ट्रेशन नंबर के अंत में 0 या 1 है- 15 जुलाई 2021 तक
रजिस्ट्रेशन नंबर के अंत में 2 और 3 है- 15 अक्टूबर 2021 तक
रजिस्ट्रेशन नंबर के अंत में 4 या 5 है- 15 जनवरी 2022 तक
रजिस्ट्रेशन नंबर के अंत में 6 या 7 है- 15 अप्रैल 2022 तक
रजिस्ट्रेशन नंबर के अंत में 8 या 9 है- 15 जुलाई 2022 तक
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एवं कलर कोडेड स्टीकर लगवाना अनिवार्य होगा. निर्धारित तारीखों के बाद हाई सिक्योरिटी प्लेट न लगवाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यानि उत्तर प्रदेश में 15 जुलाई 2022 तक हर वाहन में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य होगा।


पुरानी गाड़ियों पर भी लगाना होगा हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य

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अब पुरानी गाड़ियों पर भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य होगा। पिछले लंबे समय से एनसीआर के यूपी वाले जिले से यह मांग की जा रही थी कि पुराने वाहनों पर भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाए जाने की अनुमति दी जाए। क्योंकि 1 अप्रैल 2019 से पहले के वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाए जाने की अनुमति नहीं थी तो इस तारीख के पहले के वाहन जब भी दिल्ली और फरीदाबाद, गुड़गांव की तरफ जाते थे तो उनका चालान हो जाता था। पब्लिक को बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन शासन ने एक अप्रैल 2019 से पहले के भी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाए जाने की अनुमति दे दी है। 1 अप्रैल 2019 के पहले के वाहनों पर भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की अनुमति मिलने से अब उनका चालान दिल्ली और हरियाणा में नहीं होगा। पब्लिक को जल्द से जल्द इस नंबर प्लेट को लगवाना होगा क्योंकि यूपी में भी यदि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी गाड़ी होगी तो चालान की व्यवस्था जल्द शुरू हो जाएगी।


हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट के लिए आवेदन करने के पूर्व सावधानी:


यदि किसी व्यक्ति को हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट के लिए आवेदन करना है तो देखना होगा कि उसके वाहन का कोई चालान तो लंबित नहीं है साथ ही वाहन का रजिस्ट्रेशन निलंबित और निरस्त तो नहीं किया गया है।

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