Sarnath (Varanasi) : सारनाथ में धमेख व चौखंडी स्तूप के आसपास अवैध निर्माणों पर अब चलेगा बुलडोजर

Sarnath (Varanasi)
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न्यूज डेस्क
-पुरातात्विक धरोहरों से 100 मीटर के दायरें में भी हुए है दर्जनों अवैध निर्माण्
वाराणसी। आस्था और तपस्या की तपोभूमि सारनाथ में अब अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलेगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों के साथ वाराणसी दौरे पर आए केंद्रीय संसदीय कार्य एवं सांस्कृतिक राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बैठक कर स्पष्ट चेतावनी देते हुए अधिकारियों से कहा है कि पुरातात्विक संरक्षि क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।


पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग के दौरान अर्जुन राम मेघवाल ने अधिकारियों का क्लास लेते हुए कहा कि लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं कि इन संरक्षित क्षेत्रों में लगातार अवैध निर्माण हो रहे हैं। उन्होंने मीटिंग के दौरान ही कई शिकायतों को स्वतः संज्ञान में लेते हुए
पुरातात्विक अधिकारियों से पूछा कि जब पुरातात्विक संरक्षित एरिया में 100 मीटर के दायरे में जहां एक ईट भी रखना प्रतिबंधित है वहां लगातार कैसे अवैध निर्माण हो रहे हैं। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे अवैध निर्माणों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई किया जाए अन्यथा कार्रवाई के तैयार रहें।
गौरतलब है कि सारनाथ में पुरातात्विक संरक्षित क्षेत्र के तहत धमेक स्तूप के आसपास 100 मीटर के दायरे में भी दर्जनों की संख्या में अवैध निर्माण लगातार हो रहे हैं, वही चौखंडी स्तूप के समीप भी इस तरह के अवैध निर्माणों का काम आए दिन देखने को मिलता है। उन्होंने इसके साथ वाराणसी के अन्य पुरातात्विक स्थलों पर भी विभाग के अधिकारियों के उदासिनता से आए दिन अवैध निर्माण होने पर चिन्ता करते हुए तत्काल ऐक्शन लेने का निर्देश दिया।

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क्या है पुरातत्व विभाग का नियम


-पुरातत्व विभाग के नियम के अनुसार पुरातात्विक स्मारक की दीवार के चारों तरफ 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का कोई निर्माण नहीं किया जा सकता है।
-दूसरी ओर पुरातात्विक स्थल से 300 मीटर के बारे में केवल साढ़े
7 मीटर की ऊंचाई तक की निर्माण किया जा सकता है लेकिन वह भी 300 मीटर के दायरे में निर्माण के लिए आपको पुरातत्व विभाग मुख्यालय से इसकी अनुमति लेना अनिवार्य है। अनुमति मिलने के बाद ही आप इस तरह के निर्माण को करा सकते हैं अन्यथा आपके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।


वैसे सारनाथ के आसपास के क्षेत्रों में विकास प्राधिकरण विभाग की उदासीनता से लगातार अवैध निर्माण हो रहे हैं। सारनाथ रेलवे स्टेशन के समीप भी अवैध कालोनियों की भरमार है। जिनका न तो लेआउट पास हैं और न बन रहे मकानों के नक्शा पास हैं। कालनाइजर बस जमीन बेच कर इसमें रहने वालों लोंगो को उनके हाल में छोड़ देते हैं। जहां न तो सड़क है और न पानी निकासी का कोई साधन।

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