शनि वक्री 2023 : शनिदेव की उल्टी चाल, इन राशि वालों पर अब दिखेगा साढ़ेसाती का कष्ट

शनि वक्री 2023 : शनिदेव की उल्टी चाल, इन राशि वालों पर अब दिखेगा साढ़ेसाती का कष्ट

शनि ग्रह का महत्व

शनि ग्रह वैदिक ज्योतिष में एक प्रमुख ग्रह है। इसे पापी ग्रह माना जाता है और यह शुभ और अशुभ दोनों के प्रभाव को देता है। शनि ग्रह व्यक्ति के कर्मों के आधार पर फल और दंड दोनों की प्रदान करता है। इसकी चाल सभी ग्रहों में सबसे धीमी होती है, इसलिए इसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। वर्तमान में शनि अभी कुंभ राशि में वक्री हो रहे हैं, जिसके कारण कुछ राशि वालों को साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभाव का सामना करना पड़ रहा है।

राशियां जिन पर हो रही है साढ़ेसाती

वृषभ राशि:

वृषभ राशि के जातक भी शनि वक्री होने के कारण साढ़ेसाती का प्रभाव महसूस कर रहे हैं। यह साढ़ेसाती का पहला चरण है और यह चरण नवम्बर 2022 से अप्रैल 2023 तक चलेगा। इस समय वृषभ राशि के जातकों को काम में अड़चनें, आर्थिक समस्याएं और संबंधों में तनाव का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि वृषभ राशि के जातक अपने काम को सावधानीपूर्वक करें और आर्थिक योजनाओं को सावधानी से सोचें। उन्हें अपने रिश्तों पर भी ध्यान देना चाहिए और संबंधों को स्वस्थ रखने के लिए संगठित रहने का प्रयास करें।

मीन राशि:

शनि वक्री होने के कारण मीन राशि के जातकों को साढ़ेसाती का सबसे कठिन समय अनुभव करना पड़ रहा है। यह साढ़ेसाती तीन चरणों में से गुजरेगी।

कुंभ राशि:

कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि वक्री होने से साढ़ेसाती का आरंभ हो गया है। यह साढ़ेसाती तीन चरणों में होती है, और वर्तमान में पहला चरण चल रहा है। यह चरण अक्टूबर 2022 से मार्च 2023 तक चलेगा। इस समय कुंभ राशि के जातकों को नकारात्मक प्रभाव महसूस हो सकता है, जैसे कि मानसिक तनाव, स्वास्थ्य समस्याएं, परिवार में तनाव आदि। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि कुंभ राशि के जातक इस समय में अच्छे रखे और स्वास्थ्य और मनसिक संतुलन को बनाए रखें।

इस अवधि में सभी राशियों के जातकों को अपनी राशि के अनुसार समय-समय पर पूजा-पाठ, ध्यान और अच्छे कर्मों में लगने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, ध्यान और प्रार्थना से मन को शांत और स्थिर रखने का प्रयास करना चाहिए। यह साढ़ेसाती की अवधि समय की चुनौतियों का सामना करने का एक अवसर हो सकता है, लेकिन धैर्य, संतुलन और सचेतता के साथ इसे पार किया जा सकता है। राशि के अनुसार विशेष उपायों को अपनाने से भी इस समय में लाभ हो सकता है।

ध्यान दें कि यह केवल एक ज्योतिषीय विश्लेषण है और हर किसी के जीवन में अलग-अलग प्रभाव हो सकते हैं। इसलिए, ज्योतिषीय विश्लेषण के साथ अपने विश्वास और बुद्धि का उपयोग करें और आगे बढ़ने के लिए अपने अनुभवों और विचारों का ध्यान रखें। शनि वक्री का यह प्रभाव अनिश्चित समयों में भी अवसरों को प्रदान कर सकता है और समस्याओं से सीखने का मौका भी दे सकता है।

By Vijay Srivastava

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