Varanasi : काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में घुसा गंगा का पानी, Ganga खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर, अस्सी-दशाश्वमेध और नमो घाट डूबे गलियों में चलने लगी नाव

विजय श्रीवास्तव
-तटवर्ती इलाकों में पलायन तेज
-लोग छतों व राहत शिविरों में आसरा लेंने को मजबूर

वाराणसी। गंगा में बाढ़ का स्तर लगातार बढ़ने की वजह लोगों की जान सांसत मे है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार करने के बाद अब हाहाकार की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। वाराणसी में गंगा की उफनाई लहरें रविवार की शाम को श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में प्रवेश कर गईं। जलासेन पथ के रास्ते धाम में गंगा की लहरें घुसने के बाद पूरा रैंप पानी में डूब गया है। वहीं दूसरी तरफ गंगा ने अस्सी घाट को पूरी तरह से डूबो दिया है। अस्सी से नगवां वाली सड़क पर नावें चल रही हैं। तटवर्ती इलाकों में पलायन में भी दुश्वारी नजर आ रही हैं। घरों-दुकानों में पानी घुसने से स्थिति बदतर होती जा रही है। गलियों में अब नाव चल रहे हैं।


गंगा में लगातार बाढ़ के स्तर में वृद्धि से शहर में प्रवेश कर रहा गंगा का पानी लगातार आम जनता की जान को सांसत में डाले हुए है। गंगा के तटवर्ती इलाकों के सडकों व गलियों में नाव चलने लगी हें। लोंगो के घरों में पानी घुसने से लोग घर को छोडने को मजबूर हैं। इसका असर अब शहर की पॉश कॉलोनियो में भी देखने को मिलने लगा है। 
केंद्रीय जल आयोग की ओर से रिपोर्ट के अनुसार सुबह तीन सेंट्रीमीटर गंगा का जलस्तर बढ़ाव पर है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 71.26 मीटर से 61 सेंटीमीटर ऊपर 71.87 मीटर तक पहुंच गया है। गंगा में बढ़ाव की रफ्तार एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा बनी हुई है। जिला प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है।


तटवर्ती इलाकों में लोग छतों पर या राहत शिविरों में डेरा डालने को मजबूर हैं। पानी में रह कर सबसे अधिक पेयजल के लिए लोग परेशान हैं। आए दिन बारिश की वजह से लोगों की मुसीबतें और बढ रही हैं। ज्ञानप्रवाह की ओर लगातार बाढ़ का पानी कालोनियों की ओर रुख कर रहा है तो पुराने अस्सी घाट की ओर से सड़क पर पानी आ चुका है और गलियों में नौका से ही आवाजाही हो पा रही है। जबकि यहां के मुख्य मार्ग पर नाव चलने लगी है। दशाश्वमेध सट्टी में अपनी दुकान लगाने वाले दुकानदारों की भी धड़कनें तेज हो गई हैं। घाट की सीढ़ियां चढ़ते ही कई दुकानदार अपनी दुकान खाली कर चुके हैं, तो वहीं कुछ दुकानदार अपना सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे रहे। दशाश्वमेध घाट से पांडेयहवेली जाने वाली गलियों में भी बाढ़ का पानी घुस गया। 

Share
Share