Om Prakash Rajbhar की फिर NDA में वापसी के संकेत, हो सकते हेैंं योगी मंत्रिमंडल में शामिल !

Om Prakash Rajbhar की फिर NDA में वापसी के संकेत, हो सकते हेैंं योगी मंत्रिमंडल में शामिल !

ओमप्रकाश राजभर: सुभासपा अध्यक्ष जो योगी मंत्रिमंडल में शामिल होंगे

यूपी की गठबंधन राजनीति से एक बड़ी खबर आ रही है। भाजपा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर शामिल होने जा रहे हैं। इससे सुभासपा की जल्दी ही एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक यूनियन) में वापसी होगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हुई वार्ता के बाद इस विषय पर चर्चा की है।

सपा से नाता तोड़कर भाजपा में शामिल हुए राजभर

पिछले विधानसभा चुनाव के पश्चात ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी थी। अब वे योगी मंत्रिमंडल में शामिल होंगे और सपा से तोड़कर उनकी जल्दी ही भाजपा में वापसी होगी।

सपा से गठबंधन से भाजपा को फायदा

राजभर ने सपा से नाता तोड़कर कई मुद्दों पर भाजपा का समर्थन किया है। राष्ट्रपति चुनाव में उनकी पार्टी ने द्रोपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान किया था। राजभर समान नागरिक संहिता के समर्थन में भी हैं। भाजपा के आंतरिक सर्वे के अनुसार, यदि लोकसभा चुनाव में सुभासपा के साथ गठबंधन होता है, तो ये भाजपा को घोसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, सोनभद्र, आजमगढ़, सलेमपुर सहित अन्य सीटों पर फायदा पहुंचा सकता है।

भाजपा और राजभर के बीच सीटों का बंटवारा

भाजपा ने राजभर के साथ गठबंधन के लिए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही, सीटों के बंटवारे को लेकर भी दोनों के बीच मोलभाव चल रहा है। अनुसार, भाजपा सहमत है कि राजभर को मंत्रालय के साथ महत्वपूर्ण मंत्रिमंडलीय पद दिया जाएगा। इसके अलावा, भाजपा लोकसभा चुनाव में दो सीटों को भी राजभर को दे सकती है।

सपा में शामिल होने के बाद भाजपा में वापसी

सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए कुछ पूर्व मंत्री और विधायकों की भी भाजपा में वापसी हो सकती है।

यूपी की राजनीति में यह एक महत्वपूर्ण घटना है और सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के योगी मंत्रिमंडल में शामिल होने से इसकी राजनीतिक गतिशीलता पर प्रभाव पड़ेगा। इस वापसी से भाजपा को विधानसभा और लोकसभा चुनाव में नई शक्ति मिलेगी और सपा के खिलाफ मजबूती बढ़ेगी। यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीतिक मानसिकता में बदलाव ला सकती है और भाजपा को अन्य दलों के साथ गठबंधन बनाने के लिए अधिक संभावनाएं प्रदान करेगी।

By Vijay Srivastava