PM Awas Yojana : पहली और दूसरी किस्त के बाद अपात्र हुए हजारों लाभार्थी

विजय श्रीवास्तव
-अपात्र को पात्र बनाने के मामलों में अब चलेगा यूपी सरकार का डण्डा
-धनराशि जारी करने वाले 600 ग्राम प्रधान और वीडीओ पर होगी कार्रवाई

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक बडा ही रोचक मामला प्रकाश में आया है जहां प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास बनाने के लिए पहली व दूसरी किस्त की धनराशि जारी होने के बाद हजारों लाभार्थियों को अपात्र घोषित कर दिया गया है। निजी लाभ के लिए लाभार्थियों को अपात्र कराने के खेल पर अब यूपी सरकार के सख्ती करने जा रही है। अब ने ऐसे लोंगो पर अंकुश लगाने का फैसला लिया है जो पीएम आवास योजना में पात्र को अपात्र और अपात्र को पात्र बनाने के खेल में शामिल रहें। इसके तहत पीएम आवास स्वीकृत करने व धनराशि जारी करने वाले 600 ग्राम प्रधान और वीडीओ पर अब कार्रवाई होगी।

इस बात को लोंगो में जबरदस्त हलचल है कि आखिर दो किस्त मिलने के बाद कैसे लाभार्थियों को अपात्र कैसे घोषित किया गया है। उधर ग्राम्य विकास विभाग के उपायुक्त एके सिंह ने बुधवार को विभागीय बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को बताया कि पीएम आवास योजना में पात्र को अपात्र और अपात्र को पात्र बनाने के मामलों में कार्रवाई की जा रही है। अब तक करीब 600 ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारियों (वीडीओ) को कार्रवाई के दायरे में लाया गया है। ऐसे में निजी लाभ के लिए लाभार्थियों को अपात्र घोषित कराने के खेल पर भी अंकुश लग सकेगा।
गौरतलब है कि पीएम आवास व आवास प्लस योजना में प्रदेश के 28,88,088 परिवार पंजीकृत है। केंद्र सरकार से अब तक 26,15,951 आवासों की स्वीकृति मिली है। इनमें से 26,06,238 परिवारों को पहली किस्त, 25,89,866 परिवारों को दूसरी किस्त और 25,77,235 परिवारों को तीसरी किस्त की धनराशि जारी की गई है। वहीं अब तक 25,77,235 आवासों का निर्माण पूरा कराया गया है।
वहीं सरकार से पहली व दूसरी किस्त की धनराशि जारी होने के बाद लाभार्थियों ने आवास निर्माण आधे से अधिक कर लिया है। इसमें स्वयं की जेब से भी पैसा लगाया है। इसी बीच उनके खिलाफ गांव के किसी व्यक्ति, ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी की शिकायत के बाद उन्हें अपात्र घोषित करते हुए वसूली का नोटिस जारी कर दिया गया है। इससे इन ग्रामीणों का आवास का सपना अधूरा रह गया है।
उधर, शासन व सरकार के संज्ञान में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी ने निजी लाभ नहीं मिलने पर लाभार्थी की शिकायत कर पहली व दूसरी किस्त की धनराशि जारी होने के बाद उसे अपात्र घोषित करा दिया। इतना ही नहीं उससे वसूली की कार्रवाई भी शुरू कराई गई। अभी तक 6,881 अपात्र घोषित लाभार्थियों से वसूली की कार्रवाई की गई है।
आवास प्लस योजना के तहत यूपी में 24.67 लाख परिवारों ने पंजीकरण कराया था। वर्ष 2020-21 व 2021-22 में करीब 11.66 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में सभी आवासहीन ग्रामीण परिवारों को आवास मुहैया कराने के लिए और 13.01 लाख आवास की स्वीकृति की आवश्यकता है। चालू वित्तीय वर्ष के चार माह बीतने के बाद भी केंद्र सरकार ने एक भी आवास स्वीकृत नहीं किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को पत्र लिखकर 13.01 लाख आवास स्वीकृत करने का आग्रह किया है।

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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ऐसे मामलों में नाराजगी जताते हुए अपात्र घोषित किए जा रहे परिवारों को पहली और दूसरी किस्त जारी करने वाले कार्मिकों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं लाभार्थियों को अपात्र घोषित करने से पहले मामले की गहनता से पड़ताल के भी निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी वास्तविक पात्र परिवार आवास से वंचित नहीं रहे।

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