UP निकाय चुनाव : सरकार सुस्त, अभी अगले सप्ताह से शुरू होगी निकायों के आरक्षण की प्रक्रिया

UP निकाय चुनाव
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विजय श्रीवास्तव
-सरकार ने दिए सर्वे का काम पूरा करने के आदेश

लखनऊ। प्रदेश में निकायों के चुनाव के लोग विगत एक महिनें से सरगर्मी तेज है। चुनाव में ताल ठोकने वाले कितने प्रत्याशियों ने अच्छे-खासे खर्च भी कर दिए हैं लेकिन सरकार-प्रशासन अभी इस चुनाव को लेकर उसकी सुस्ती बरकरार है। इस निकाय चुनाव में जो प्रत्याशियों को चिन्ता खाए जा रही हे। वह आरक्षण को लेकर है क्योंकि सब कुछ दांव पेज उसी में फंसा है। वैसे आरक्षण को लेकर सबसे अधिक चिन्तित सामान्य वर्ग से आने वाले प्रत्याशी है। अभी जहां तक आरक्षण की बात की जाए तो अगले हप्ते से आरक्षण का सर्वे का काम होने की उम्मीद है।


गौरतलब है कि शहरी निकायों के चुनाव की अगर बात की जाए तो वह नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित हैं और अक्टूबर की आज 18वीं तारिख हे लेकिन अभी तक परिसीमन की प्रक्रिया भी अभी पूरी नहीं हो सकी है। इसके साथ ही रैपिड सर्वे का काम भी अभी अधिकांश जगहों पर चल ही रहा है। जबकि रैपिड सर्वे का काम भी अभी ज्यादातर जगहों पर चल रहा है। वहीं जानकारी के मुताबिक अभी शहरी निकायों में वॉर्डों के आरक्षण का काम अगले सप्ताह से शुरू होने के उम्मीद जतायी जा रही है।


वैसे यूपी शासन ने सभी शहरी निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे इसी हप्ते में ओबीसी आबादी की गणना के लिए रैपिड सर्वे का काम को अवश्य पूरा कर लें। जिससे आगे की कार्यवाही की जा सके। वैसे सूत्रों के अनुसार लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी नगर निकाय में रैपिड सर्वे का कार्य अभी भी काफी धीमी गति से चल रहा है। वैसे नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने दो दिन पूर्व विडियो कॉन्फ्रेंसिंग करके प्रदेश के सभी नगर निगमों के अधिकारियों को रैपिड सर्वे के आंकड़े जल्द जल्द से फाइनल करने को आदेश दिया था।

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सूत्र बताते हैं कि रैपिड सर्वे के आंकड़े सामने आ जाने के बाद ही अगले सप्ताह संभावित तौर पर आरक्षण संबंधी कार्यो के लिए निर्देश शासन की तरफ से जारी होंगे। जानकार बताते हैं शासन स्तर पर चल रही रोटेशनल तौर पर ही आरक्षण की व्यवस्था जारी रहेगी। सबसे अधिक परेशानी की बात अगर की जाए तो उन निकायों व वार्डो में आने की उम्मीद है जिनके दायरें में बदलाव आया है या नये वार्ड बनाए गये हैं। सबसे अधिक परेशानी नये वाडों को लेकर ही जहां शासन स्तर पर भी परेशानी होने की उम्मीद है वहीं प्रत्याशी इसको लेकर असंमजस की स्थिति में हैं।

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