UP नगर निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज, इस बार मंहगा होगा मेयर-पार्षद का चुनाव

विजय श्रीवास्तव
-इस बार आयोग ने बढ़ायी मेयर-पार्षद के चुनाव खर्च की सीमा

लखनऊ। यूपी में अभी नगर निकाय चुनाव को लेकर अभी कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है लेकिन प्रदेश में चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गयी है। सोशल मीडिया से लेकर सडकों तक विशेषकर पार्षद प्रत्याशियों के होर्डिंग-बैनर दिखने लगे हैं। वैसे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में नवंबर-दिसंबर में नगर निकाय चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है। इस चुनाव की सबसे खास बात यह होने वाली हे कि इस बार चुनाव में धन-बल का भी जमकर प्रयोग होना है क्योंकि पिछले नगर निगम चुनाव 2017 की तुलना में इस बार यूपी नगर निगम चुनाव काफी महंगे होगें।


जानकारी के मुताबिक मेयर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए खर्च सीमा को बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही नामांकन शुल्क और जमानत राशि भी बढ़ा दी गई है। अब मेयर का चुनाव लड़ने के लिए 40 लाख रुपये तक खर्च किए जा सकते हैं। वहीं 80 या इससे अधिक वार्ड वाले नगर निगमों में महापौर प्रत्याशी 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे, पहले यह राशि केवल 25 लाख रूपये ही थी। जहां वार्डों की संख्या 80 से कम है, वहां महपौर उम्मीदवार 35 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे, जो पहले 20 लाख रुपये थी। वैसे इस बात को सभी भली भाति जानते है कि इन चुनावों में आयोग द्धारा तय राशि से कई गुना राशि प्रयोग होती हैं।

वहीं अगर नगर पार्षद पद के लिए प्रत्याशी चुनाव में भी बढोत्तरी करते हुए अधिकतम 3 लाख रुपए खर्च कर सकेंगे। जो कि पहले 2.5 लाख रुपए था। इसी क्रम में नगर पालिका में जहां 25 से 40 वार्ड हैं, वहां अध्यक्ष के दावेदारों की खर्च सीमा पहले 6 लाख थी जो अब 9 लाख है। इस सन्दर्भ में एक पार्षद प्रत्याशी का कहना है कि पार्षद के लिए यह राशि बहुत कम है। इसे और बढाना चाहिए।

वहीं दूसरी ओर नगर पालिका सभासद अब 1.5 लाख की जगह 2 लाख तक खर्च कर सकेंगे। नगर पंचायत अध्यक्ष और सभासद पद के उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च की सीमा भी बढ़ा दी गई है। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 2.5 लाख रुपये कर दी गई है, जो कि पहले 1.5 लाख थी जबकि सभासद के लिए अधिकतम खर्च की सीमा 50,000 रुपये तय की गई थी, जो अब तक 30,000 रुपये थी।


नामांकन शुल्क और जमानत राशि का जहां तक प्रश्न है वह भी बढ़ गई है। महापौर उम्मीदवार के लिए सामान्य वर्ग के लिए नामांकन शुल्क 1000 रुपये और जमानत राशि 12 हजार रुपये निर्धारित की गई है जबकि आरक्षित वर्ग के लिए नामांकन शुल्क 500 रुपये और जमानत राशि 6000 रुपये होगी। नगर पार्षद के लिए नामांकन शुल्क 400 रूपये और 2500 रुपये जमानत राशि होगी वहीं आरक्षित वर्ग के लिए नामांकन शुल्क 200 रुपये और जमानत राशि 1250 रुपये है।
इसी तरह से सामान्य वर्ग के लिए नगर पालिका अध्यक्ष को नामांकन शुल्क 500 रुपये और जमानत राशि 8000 रुपये जमा करनी होगी। आरक्षित वर्ग के लिए 250 रुपये नामांकन शुल्क और 4000 रुपये जमानत के रूप में देना होगा। नगर पालिका सभासद सामान्य श्रेणी के लिए नामांकन 200 रुपये है और जमानत राशि जबकि 2000 रुपये रखा गया है। आरक्षित वर्ग के लिए 100 रुपये नामांकन और 1000 रुपये की जमानत राशि देनी होगी।


नगर पंचायत अध्यक्ष पद की बात की जाये तो इसके लिए नामांकन शुल्क 250 रुपये और जमानत राशि 5000 रुपये रखा गया है। जबकि आरक्षित वर्ग के लिए नामांकन शुल्क 125 रुपये और जमानत राशि 2500 रुपये है। सामान्य सभासद पद के लिए, नामांकन शुल्क 100 रुपये और जमानत राशि 2000 रुपये है, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए 50 रुपये नामांकन और 1000 रुपये की जमानत राशि का तय की गयी है। बहरहाल अभी अगर देखा जाए तो नगर निकायों में वार्डों के पुनर्गठन और परिसीमन के बाद की आयोग स्तर तक की रिपोर्ट का इंतजार है। उसके बाद मतदाता सूची के पुनरीक्षण काम शुरू हो सकेगा। तब जाकर चुनाव की बारी आने वाली है।

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