Varansi : पुराना RTO आशापुर में अवैध हथियारों के दो सौदागर पकडे गये, UP STF ने पायी कामयाबी

विजय श्रीवास्तव
-पहले करते थे पहलवानी फिर करने लगे अवैध हथियारों की तस्करी
वाराणसी। दीपावली के दूसरे दिन यूपी एसटीएफ ने आज बडी कामयाबी प्राप्त की है। टीम ने वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के आशापुर क्षेत्र से अवैध हथियारों की तस्करी करने के दो आरोपियों को यूपी एसटीएप की टीम ने गिरफ्तार किया। उनके पास से एसटीएफ ने 32 बोर की सात सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और 13 मैगजीन बरामद किया।
जानकारी के मुताबिक यूपी एसटीएफ ने अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह के दोनों सदस्यों को सारनाथ थाना क्षेत्र के आशापुर स्थित पुराना आरटीओ तिराहे के पास से आज मंगलवार को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त किया है। हैरत की बात यह है कि दोंनो पहलवानी करते थें लेकिन अब दोनों पहलवानी छोड़कर असलहों की तस्करी के धंधे में जुड़ गए। एसटीएफ इनके गिरोह के मास्टरमाइंड समेत अन्य सदस्यों के बारे में काफी समय से अहम जानकारियां जुटा रही थी।
यूपी एसटीएफ के वाराणसी फील्ड इकाई के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के अनुसार सूचना प्राप्त हुई थी कि पूर्वांचल में असलहा तस्करी गिरोह सक्रिय है। जो आज गिरोह के सदस्य किसी को असलहा तस्करी करने के दृष्टिगत सारनाथ के आशापुर में मौजूद हैं।

7 सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल 13 मैगजीन बरामद


इसी सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी करते हुए दोपहर बाद दोनों तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इनके पास से 32 बोर की 7 सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल और 13 मैगजीन बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी देवेश्वर शुक्ला और अंबुज दोनों मिर्जापुर के यशवंत सिंह का पुरा और बसुहरा के निवासी है और यह काफी समय से अवैध असलहो की तस्करी में लगे हुए थे।

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सोशल मिडिया के माध्यम से दोंनो तस्कर एक दूसरे के सम्पर्क में आए


एटीएफ के अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इन आरोपियों से पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह कुश्ती लड़ते थे और इसका वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड करते थे। फेसबुक पर वीडियो को देखकर इसी 2022 के जुलाई महिनें में प्रयागराज के मेजा थाना अंतर्गत खानपुर के विपिन दूबे ने इन दोंनो से दोस्ती की। दोस्ती के दौरान विपिन दूबे ने इन दोनों से कहा कि पहलवानी में कुछ नहीं रखा हैं। कद काठी से तुम दोनों काफी मजबूत लगते हो और कहा कि असलहा तस्करी में खूब पैसा है और तुम दोंनो इस धंधे में आ जाओ। उसकी बात सुन कर वह दोनों पैसे के लालच में आ गये इसके बाद असलहा तस्करी के धंधे में जुड़ गए।


अच्छी कमाई होती है इस अवैध हथियारों के सप्लाई में


पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि विपिन दुबे पैसा देकर मध्य प्रदेश के बडवानी निवासी एक सरदार के पास भेजता था जिनका नाम दोंनो को पता नहीं है। वे पैसा देकर उस सरदार से असलहा खरीदते थे और एमपी से उन असलहों को लाकर विपिन दूबे को सौप दिया करते थें। जिसके एवज में विपिन दूबे उन्हें 07 हजार रूपये प्रति पिस्टल के हिसाब से दिया करता था। जिससे उनकी अच्छी कमाई होती थी। अभी तक उन्होंने इस प्रकार कई असलहा एमपी से लाकर विपिन दूबे को दे चुके हैं।


आज असलहों की डिलीवरी वाराणसी में ही करनी थी


दोंनो ने पूछताछ में बताया कि धनतेरस के दिन वे बड़वानी गए और उसी सरदार से सात सेमी ऑटोमेटिक 32 बोर की पिस्टल और इसकी 13 मैगजीन लेकर आये लौटे थे जिसे आज वाराणसी में विपिन दुबे को देना था। विपिन दूबे ने उन्हें सारनाथ थाना क्षेत्र के आरटीओ के समीप तिराहे के पास बुलाया था जहां वे दोंनो इन असलहों को देने के लिये विपिन दूबे का इंतजार कर रहे थे। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों के खिलाफ सारनाथ में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं, एसटीएफ की टीम मुख्य साजिशकर्ता विपिन दुबे की तलाश में लग गयी है।

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