मध्य प्रदेश में डाकपत्रों का छटनी का वीडियों वायरल से तूफान, कांग्रेस ने की डीएम पर कार्रवाई की मांग, तहसीलदार निलम्बित

बालाघाट । मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव 2023 के डाकपत्रों की छंटनी का एक वीडियों वायरल होने से मध्यप्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। कांग्रेस ने बालाघाट में डाकपत्रों की छंटनी मामले में कलेक्टर के खिलाफ बड़ा आरोप लगाया है, और मुख्य निर्वाचन अधिकारी से कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि मप्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बालाघाट में डाक मतपत्र खोलने के मामले में डाक नोडल अधिकारी को निलंबित कर दिया। मध्यप्रदेश में 17 नवम्बर को चुनाव हुआ था और डाकपत्रों की छंटनी 2 दिसम्बर को तय थी लेकिन इससे पूर्व ही उसकी छटनी होने लगी। वीडियो जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, उसके बाद से ही एमपी की सियासत में राजनीति में घमासान मच गया है। कांग्रेस इस मुद्दे पर पूरी तरह से हमलावर के मुद्रा में हैं। उसने बालाघाट के कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा पर कार्रवाई की मांग की है।
मध्य प्रदेश के बालाघाट में डाकपत्रों की छंटनी का वीडियो वायरल होने के बाद, कांग्रेस ने एक के बाद एक निर्वाचन आयोग से कई शिकायतें की हैं। इसका परिणामस्वरूप बालाघाट के तहसीलदार हिम्मत सिंह को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन कांग्रेस ने अब कलेक्टर और मुख्य जिला निर्वाचन अधिकारी गिरीश कुमार मिश्रा पर कार्रवाई की मांग की है।


कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने जिले के मुख्य निर्वाचन अधिकारी गिरीश कुमार मिश्रा की अनुमति के बिना स्ट्रॉन्ग रूम खोलकर डाकपत्रों की छंटनी को नामुमकिन बताया। उन्होंने कहा कि बालाघाट के वीडियो पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस के प्रवक्ता के मिश्रा ने भी कलेक्टर पर कार्रवाई की मांग की है और निर्वाचन आयोग से मतगणना प्रक्रिया से बालाघाट कलेक्टर को हटाने की मांग की है।
वैसे प्रथम दृष्टया निर्वाचन आयोग के अनुशंसा पर तहसीलदार हिम्मत सिंह को निलंबित किया गया है, लेकिन कांग्रेस इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। कांग्रेस का कहना है कि जिले के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की इजाजत के बिना स्ट्रॉन्ग रूम खोलना नामुमकिन है। बालाघाट कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा ने भी दावा किया है कि डाकपत्र की छंटनी का काम बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशियों की मौजूदगी में हुआ है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई है।
कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने आरोप लगाया है कि बालाघाट जिला प्रशासन के पक्ष में जारी किए गए वीडियो दबाव में बनवाए गए हैं। उन्होंने पूछा कि 2 दिसंबर की तारीख तय होने के बाद बालाघाट में अलग से छेड़छाड़ क्यों की गई? इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुपम राजन को भी ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई है।

By Vijay Srivastava

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