जिस देश की शिक्षा समृद्धशाली होती हेै वह देश उतना ही तरक्की और विकास करता है : अशोक तिवारी

वाराणसी। वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि शिक्षा से ही किसी भी देश के विकसित और विकास का आकलन किया जाता है। जिस देश की शिक्षा पद्यति जितना ही उन्नति और प्रगतिशील होता है। वह देश उतना ही तरक्की और विकास करता है। हमारें यहां के धार्मिक ग्रन्थ चाहे वह किसी भी धर्म के हो उनका अपार समृद्धिशाली इतिहास रहा है। जिसपर आज भी लोग चलते हैं और आज के वर्तमान समय में शिक्षा अपने चरमोत्कर्ष पर हैं ऐसे में शिक्षा और बहुत जरूरी हो जाता है।


उक्त बातें आस्था व तपस्या की तपोभूमि सारनाथ में महाबोधि विद्या परिषद द्वारा संचालित तीनो विद्यालय के 90 वे वार्षिकोत्सव के अवसर पर सारनाथ में स्थित महाबोधि इंटर कालेज के मैदान में अयोजित सभा मे मुख्य अतिथि पद से कही। उन्होंने कहा कि महाबोधि सोसाइटी अपनी शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बखूबी से निभाते हुए पुरानी परंपरा का भी पूरी ईमानदारी से निर्वाह कर रहा है। इसके साथ ही भगवान बुद्ध के विचारों व उपदेशों को भी विद्यालय में बच्चों के अन्दर बहुत ही कुशलता से रोपित कर रहा है। जिससे वह आग चलकर एक अच्छे इंसान बन सकें।


आज सभा की अध्यक्षता करते हुए महाबोधि सोसाइटी सांची के विहाराधिपति भिक्षु वनागल उपतिस्स महाथेरो ने कहा कि आज जिस दौर से विश्व गुजर रहा है ऐसे में भगवान बुद्ध के उपदेशों को आत्मसात करने की और अधिक जरूरत है। पहले से सारनाथ का आज काफी विकास हुआ है।
इस मौके पर महाबोधि सोसाइटी के महासचिव भिक्षु पी सिबली ने कहा कि यह हम के लिए गौरव की बात है कि हम सभी आज भगवान बुद्ध के विचारों व संदेश जहां आत्मसात कर रहे हैं वहीं इसे जन जन तक पहुचाने का महत्वपूर्ण कार्य भी कर रहे हैं। बच्चें किसी भी समृद्ध समाज के धरोहर होते हैं। उन्हें अगर हम सही ढंग से शिक्षा और परवरिश देंगे तो वह निश्चय ही एक समृद्ध देश के विकास में महत्वपूर्ण घटक साबित होंगे। स्वागत महाबोधि विद्या परिषद के अध्यक्ष प्रो राम मोहन पाठक ने करते हुए कहा कि आज सारनाथ स्थिति तीनों स्कूलों में पढ रहे हजारों बच्चें भाग्यशाली है जिन्हें भगवान बुद्ध के तपोस्थली का मौका मिल रहा है। आज इस विद्यालय से पढे हुए छात्र जहां देश के कई स्थानों में अपना तथा देश का नाम रोशन कर रहे हैं। वहीं आज इसी विद्यालय का एक छात्र श्रीलंका देश के प्रधानमंत्री पद पर आसीन है। यह हम सब के लिए गौरव की बात हैं।


संचालन महाबोधि इन्टर कालेज के प्राचार्य प्रवीण श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर भिक्षु के सिरी सुमेध थेरो, भिक्षु सुमित्ता नन्द थेरो ने अपने विचार रखे। इस मौके पर तीनों विद्यालय के छात्र छात्राओं ने रंग बिरंगे परिधानों में मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। छोटे छोटे बच्चों द्धारा प्रस्तुत मेरा जूता है जापानी पर मोहक नृत्य ने सबका मन मोह लिया।

इस दौरान आज की कुरीतियों पर जहां कुठाराघात करते हुए नाटक प्रस्तुत किए गयें वहीं भगवान बुद्ध के जीवन से जुडे कई पहलूओं को रहस्योघाटन करते हुए कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए गये।

By Vijay Srivastava

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